उत्तर प्रदेश जालौन

नगर में चार आरोफीजर बने शोपीस

० वर्ष 2016 में लाखों की लगाये गये थे आरोफीजर

उरई (जालौन)। गर्मी ने अपना सितम दिखाना शुरु कर दिया है लेकिन जिला प्रशासन द्वारा अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किये गये ताकि नगर के नागरिकों अपना गला तर करने के लिए कोई उपाय किये जायें। विगत वर्षों में वर्ष 2016 में उरई विकास प्राधिकरण ने लाखों की लागत से शहर के प्रमुख चार स्थानों में शहीद भगतसिंह चौराहा सीओ कार्यालय के सामने, जिला परिषद चौराहा, कालपी बस स्टैंड के अलावा कोंच बस स्टैंड पर फीजर लगवाये गये थे। बताया जाता है कि एक आरोफीजर की कीमत चार लाख रुपये दर्शायी गयी थी जिनका उद्घाटन तत्कालीन मण्डलायुक्त के. मोहन राव एवं तत्कालीन जिलाधिकारी रामगणेश के द्वारा किया गया था सब कुछ ठीक-ठाक और आरोफीजर से लोगों को कुछ समय तक शीतल पेयजल उपलब्ध हुआ।जिनके रखरखाव की जिम्मेदारी ओडीओ करता था बाद में यह काम नगर पालिका उरई को सौप दिया गया तभी से इन वाटरफीजर पर ग्रहण लग गया और ये चारों के चार बंद की स्थिति में पहुंच गये है। राह चलते नागरिक अपना गला तर करने को इधर उधर भटकते नजर आ रहे है।इस साल गर्मी ने अप्रैल में अपने सितम अभी से दिखाने शुरू कर दिये है लेकिन जिला प्रशासन इस ओर मूक दर्शक बना हुआ है। लाखों की लागत से शोपीस बने खडे फीजर नागरिकों को मुंह चिढा रहे है। शहर के नागरिकों ने प्रशासन से खराब पड़े फीजरों को चालू करवाये जाने की मांग उठाई है।