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मथुरा। जनपद में भी डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। सोमवार को एक साथ चार डेंगू के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें बन गईं हैं। विभाग की टीमों ने प्रभावित इलाकों का सर्वे कर लोगों के सैंपल लिए हैं।
बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की अलग- अलग टीमों के द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल लेकर महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में जांच कराई गई। रिपोर्ट सोमवार को आई है। इनमें चार मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आयी है। डेंगू पॉजिटिव में तीन मरीज वृंदावन एवं एक मरीज सिविल लाइन क्षेत्र का बताया है।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह और नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ.भूदेव सिंह ने बताया कि विभागीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों के सैंपल ले रही हैं। सोमवार को टीम ने मांट, सोनई, सौंख आदि क्षेत्रों में भ्रमण कर बुखार से पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा दीं गईं। इधर, सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने सोनई के गांव नगला महापद का निरीक्षण कर टीम के कार्य को परखा है। उन्होंने बताया कि गांव में एक परिवार के मरीज का उपचार गांव में ही कराया जा रहा था। चारपाई पर ही ड्रिप लगवाई जा रही थी। इससे लग रहा है कि गांव के कई लोग बीमार हैं।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
प्रदेश में फैले डेंगू और मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कई इलाकों का भ्रमण कर स्लाइड बनाई हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि सौंख के सहजुआ मोहल्ला में बने कबाड़ गोदाम में मच्छरों का प्रकोप देखा गया। काफी संख्या में लार्वा भी देखे जा रहे हैं। इसके बारे में नगर पंचायत को अवगत करा दिया गया है। मांट के जरारा गांव में भी घर-घर जाकर टीम का कार्य देखा गया। पांच बुखार रोगियों की जांच की गई और 200 से अधिक घरों में दवा डलवाई गई। बताया कि इस मौसम में डेंगू व मलेरिया फैलने का खतरा होता है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीम मैदान में उतारी हैं।
खास बातें
लोग घरों के पानी के पात्रों को सूखा रखें ताकि मच्छर का लार्वा नहीं पनप सके। मच्छर केवल पानी के स्त्रोतों में ही पैदा होते हैं। नालियां, कूलर, टूटी बोतल, पुराने टायर में पानी एकत्रित नहीं होने दें। यदि पानी एकत्रित होता है तो इसमें काला तेल डाल दें। इससे मच्छर नहीं पनप सकेंगे।

मथुरा। जनपद में भी डेंगू ने पैर पसार लिए हैं। सोमवार को एक साथ चार डेंगू के मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग के माथे पर चिंता की लकीरें बन गईं हैं। विभाग की टीमों ने प्रभावित इलाकों का सर्वे कर लोगों के सैंपल लिए हैं।

बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की अलग- अलग टीमों के द्वारा प्रभावित क्षेत्रों से बुखार से पीड़ित मरीजों के सैंपल लेकर महर्षि दयानंद सरस्वती जिला अस्पताल में जांच कराई गई। रिपोर्ट सोमवार को आई है। इनमें चार मरीजों की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आयी है। डेंगू पॉजिटिव में तीन मरीज वृंदावन एवं एक मरीज सिविल लाइन क्षेत्र का बताया है।

जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह और नगरीय मलेरिया अधिकारी डॉ.भूदेव सिंह ने बताया कि विभागीय टीम प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों के सैंपल ले रही हैं। सोमवार को टीम ने मांट, सोनई, सौंख आदि क्षेत्रों में भ्रमण कर बुखार से पीड़ितों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवा दीं गईं। इधर, सीएमओ डॉ. एके वर्मा ने सोनई के गांव नगला महापद का निरीक्षण कर टीम के कार्य को परखा है। उन्होंने बताया कि गांव में एक परिवार के मरीज का उपचार गांव में ही कराया जा रहा था। चारपाई पर ही ड्रिप लगवाई जा रही थी। इससे लग रहा है कि गांव के कई लोग बीमार हैं।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

प्रदेश में फैले डेंगू और मलेरिया को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। विभाग की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने कई इलाकों का भ्रमण कर स्लाइड बनाई हैं।

जिला मलेरिया अधिकारी आरके सिंह ने बताया कि सौंख के सहजुआ मोहल्ला में बने कबाड़ गोदाम में मच्छरों का प्रकोप देखा गया। काफी संख्या में लार्वा भी देखे जा रहे हैं। इसके बारे में नगर पंचायत को अवगत करा दिया गया है। मांट के जरारा गांव में भी घर-घर जाकर टीम का कार्य देखा गया। पांच बुखार रोगियों की जांच की गई और 200 से अधिक घरों में दवा डलवाई गई। बताया कि इस मौसम में डेंगू व मलेरिया फैलने का खतरा होता है। लोगों को जागरूक करने के लिए टीम मैदान में उतारी हैं।

खास बातें

लोग घरों के पानी के पात्रों को सूखा रखें ताकि मच्छर का लार्वा नहीं पनप सके। मच्छर केवल पानी के स्त्रोतों में ही पैदा होते हैं। नालियां, कूलर, टूटी बोतल, पुराने टायर में पानी एकत्रित नहीं होने दें। यदि पानी एकत्रित होता है तो इसमें काला तेल डाल दें। इससे मच्छर नहीं पनप सकेंगे।





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