उत्तर प्रदेश जालौन

खेतों मे फसल के अबशेषों में लगी आग ने लिया बिकराल रूप, कई गाँव चपेट मे आने से बचे

० फसल के अबशेषों मे लगी आग कई गाँव चपेट मे आने बचे

० अग्निशमन की गाड़ी ने मौके पर पहुंच कर बुझाई आग

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-। माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम ईटों में खेतों मे पड़े फसल के अबशेषों मे लगी आग ने इतना बिकराल रूप ले लिया। कि दो तीन गाँव आग की चपेट मे आने से जलने से बाल बाल बचे। आग की लपटों और धूँआ को देखकर ग्रामीणों व क्षेत्रीय लोगों मे अफरा तफरी मच गई। लोगों ने पुलिस व फायर बिग्रेड की गाड़ी को सूचना दी। प्राप्त जानकारी के अनुसार गोहन थाना की चौकी ईटों क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले ग्राम नबादा मे गाँव के बाहर खेतों आसपास खेतों पड़े फसल के अबशेषों मे आग लगा दी। धीरे धीरे सुलगते सुलगते आग ने शाम को 7 बजे तक तेज हवाओं के साथ इतना बिकराल बड़ा रूप ले लिया।कि आसपास के दो तीन गाँव कस्बा ईटो, सिगटौली, नबादा, आदि आग की चपेट मे आने से बाल बाल बच गये। लोगों ने आनन फानन मे पुलिस को सूचना दी सूचना पाकर बिना देरी किऐ।चौकी इन्चार्ज सुनील कुमार सैनी व एस आई बंशराज यादव मौके पर पहुंचे। आग को गाँव की ओर बढ़ती देख ग्रामीणों को साथ लेके पेड़ की झाड़ियों को तोड़कर आग को गाँव की ओर बड़ने से रोका बुझाने का प्रयास किया। पुलिस और ग्रामीणों ने बड़ी मसक्कत के बाद आग पर काबू पाया।सूचना पर पहुंची अग्निशमन की गाड़ी ने आग बुझाई। आग लगने से बड़ा हादसा होते होते बच गया।शासन प्रशासन के लाख प्रयासों के बाद भी प्रतिबन्ध लगाने के बाद भी लोग खेतों पड़े फसल के अबशेषों मे आग देते है। जिससे बड़ी घटनाऐ हो जाती है। गाँव के गाँव आग की चपेट मे आ जाते है। लाखों का नुकसान हो जाता है। जबकि फसल के अबशेषों मे आग लगाने से खेतों की मिट्टी खराब हो जाती है। उसके कीटाणुं मर जाते है।खेत बंजर हो जाते है। फिर भी किसान मानने को तैयार नही है। आग लगाकर अग्नि काण्ड जैसी बड़ी घटनाओं को दाबत दे रहे है।