उत्तर प्रदेश जालौन

बजट में कटौती होने से जंगलों में लगेंगे वृक्ष कम

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):- सूवे की सरकार के द्वारा बजट में कटौती कर देने से जंगलों मे इस वर्ष हर वर्ष की अपेक्षा चौथाई वृक्ष ही लग पायेंगे।इस व्यवस्था से वन क्षेत्रों मे हरियाली कैसे फैलेगी इसको लेकर प्रश्न चिंह लगने लगा है।मालूम हो कि वर्ष 2016 मे वन राजि क्षेत्र मे एक लाख 44 हजार वृक्ष लगाये गये थे जबकि 2017 मे एक लाख 39 हजार पौधा किया गया था।इस वर्ष प्रदेश सरकार की चार योजनाओं सामाजिक वानिकी सामान्य वन निगम वित्त पोषित विन फर फ्लाई वृद तथा मनरेगा के तहत कालपी के वन क्षेत्र के 68 हेक्टेयर मे 22 हजार वृक्ष लगाये जायेगे।क्षेत्रीय वन अधिकारी कालपी राकेश सक्सेना के मुताबिक इमिलिया, शाजापुर, कालपी के जंगलों मे वृक्षरोपण के लिये चयनित कर लिया गया है।वीते वर्षों के सापेक्ष इस साल कम संख्या मे वृक्षों रोपण करने तथा वजट मे कटौती करने से तमाम प्रकार की चरचाये फैलने लगी है।क्षेत्रीय वन अधिकारी राकेश सक्सेना ने बतलाया कि व्यास पौध पाला नर्सरी मे इस साल एक लाख 6 हजार पौधा विभिन्न प्रजातियों की तैयार की गई है।शीशम, चिलविल, सागौन आदि की पौध नागरिकों तथा विभागों के लिये हमेशा उपलब्ध रहेंगे।
अवैध अटान को रोकने तथा विभागीय योजनाओं को गतिशीलता प्रदान करने के लिये विभाग मे फेरवदल करके उरई से स्थानीय सत्येन्द्र सिंह को कालपी वन कायलिन मे डिप्टी रेंजर बनाया गया है।राकेश सचान दरोगा को इमिलिया तथा राम विशाल यादव को कालपी खास के जंगलों की जिम्मेदारी सौपी है।

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