उत्तर प्रदेश जालौन

प्रधान व सचिव ने मिलकर आवास व शौचालयों में जमकर की रिश्वत खोरी

० सैकड़ो ग्रामीण ने मुख्यमंत्री व जिले के अधिकारियों को दिया सामूहिक शिकायती पत्र

शौचालय मांगने गए भूतपूर्व सैनिक को 2 हजार रुपये न देने पर दुत्कार के भगाया

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-. सरकार के स्वच्छ भारत अभियान के तहत गांवों को ओडीएफ घोषित कराने पहले तो अधिकारियों व ग्रामीणों ने कोई कसर नहीं छोड़ी, गांव-गांव स्वच्छता जागरुकता के ढोल पीटे, घर,घर शौचालय तैयार कराए, गांवों में जश्न मनाया गया और अधिकारियों सहित ग्रामीणों ने सरकारी तमगा हासिल कर खूब वाहवाही भी लूटी। लेकिन निर्माण के दौरान भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े ये शौचालय महज कुछ ही महिनों में ही ढोल की पोल बनकर स्वच्छता अभियान को मुंह चिढ़ाते नजर आ रहे हैं। अब ग्रामीणओं ने इन शौचालयों में शौच जाना तो बंद कर ही दिया है साथ ही उन्हें बहुउपयोगी बनाकर घरेलू सामग्री इनमें रखी जा रही है।
इसका उदाहरण जनपद जालौन के विकास खण्ड रामपुरा की ग्राम पंचायत पतराही में देखने को मिला जहां ग्रामीणों के घरों में बने शौचालय कुछ ही महिनों के उपयोग के बाद भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए। ग्रामीण शौचालय में शौच करने नहीं जा रहे बल्कि शौचालय में लगी शीट के ऊपर फर्शी जमाकर स्नानागार के तौर पर उपयोग करने के साथ-साथ कपड़ों की धुलाई एवं बर्तन की सफाई करने का भी काम किया जा रहा है। वहीं कई ग्रामीणों ने तो शौचालय भूसाघर बना दिया है। ज्ञात हो कि यह सभी शौचालय वर्ष 2016-17-18 वित्तीय वर्ष में बनाए गए हैं जो महज एक साल भी ठीक से नहीं चल सके।

शौचालयों का हाल बेहाल

उरई । शौचालय जिसकी छतें बांस और फूस की बनी है या फिर बनी ही नही है। मामला जनपद जालौन के विकासखण्ड रामपुरा की ग्राम पंचायत पतराही का है जहाँ ग्राम प्रधान व सचिव ने मिलकर भ्रष्टाचार की सारी हदें पार करते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन को भरपूर तमाचा लगाया है गाँव के लगभग आधा सैकड़ा लोगों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री सहित जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी से की है जिसमे ग्रामीणों ने प्रधान मुन्नी देवी व सचिव के द्वारा प्रत्येक शौचालय पर 2 से 3 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया है। शिकायत कर्ताओं में गांव के ही पूर्व सैनिक ने कहा कि 2 हजार रुपये नजराना न देने पर उसको ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि उनके पुत्र ने शौचालय नही दिया और दुत्कार कर भगा दिया है साथ ही पूर्व सैनिक ने कहा कि जिन लोगों के शौचालय 10 वर्ष पुराने है उनसे 5 हजार रुपये लेकर रंगवा पुतवा के भुगतान करा लिया है।

आवासों वितरण में भी मुख्यमंत्री के आदेश को ठेंगा

उरई। प्रधान मंत्री आवास योजना के अंतर्गत भी पात्र व्यक्तियों को आवास ने देकर सुविधा शुल्क देने वाले पेंशन भोगी कर्मचारियों को भी 20 से 30 हजार रुपये लेकर आवास दिए गए है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से गांव में ग्राम निधि , मनरेगा और अन्य मदों से कराए गए कार्यों की जांच कराने की मांग की है।