उत्तर प्रदेश जालौन

चार साल बीतने के बाद भी वापस नही मिल रहा जमा धन

० फिरभी भोलीभाली जनता से धड़ल्ले से जमा करवा रही कंपनिया

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):-. । पूरे देश के करोड़ो निवेशक व अभिकर्ता चिटफंड कंपनियो के मकड़जाल मे फसे है जो अपने मेहनत से कमाई जमा रकम को पाने के लिये सालो से परेशान है, अधिक ब्याज के झॉंसे मे आकर करोड़ो गरीब व मध्यम वर्गीय परिवारो का पैसा फसा है। इसके बावजूद भी कदौरा कस्बा के रामलीला मैदान व बसस्टैंड के पास आज भी कम्पनियॉ कोपरेटिव सोसाइटी जैसे नाम के बोर्ड लगाकर अधिक ब्याज व बचत का प्रलोभन देकर किसान, मजदूर व अनपढो से उनकी खून पसीने की कमाई बचत के नाम पर एेंठ रहे है तथा भोलेभाले बेरोजगार लोगो को अच्छे कमीशन का लालच व बड़े-बड़े सपने दिखाकर धन एकत्रित करवा रहे है आखिर शासन-प्रशासन मौन क्यो? विदित हो रियलइस्टेट की बड़ी कम्पनी पीएसीएल जिसे सेबी ने 2014 मे बन्द करा दिया था। एेसी ही साईप्रसाद, कल्पतरू,जीसीए, कल्पवट,धेनुग्रीन,कर्मभूमि जैसी करीब एक सैकड़ा से अधिक कंपनियो मे गरीबो का करोड़ो रुपया फसा है। पीएसीएल का मामला सुप्रीमकोर्ट मे पहुचा जिसमे कोर्ट ने सेबी व लोणा समिती को कंम्पनी की संपत्तियो को बेचकर निवेशको का भुगतान करने का आदेश किया था लेकिन करीब ढाई वर्ष हो गये अभी तक कुछ नही मिला। सूत्रो की माने तो पीएसीएल कंपनी की जमीनो पर मादक पदार्थो की खेती की जा रही है जिससे प्रतिदिन करोड़ो की आमदनी हो रही है शायद इसीलिये गरीबो के पैसा के भुगतान मे विलम्ब हो रहा है।
मजदूर,किसानो व ग्रहणियो ने कड़ी मेहनत, मजदूरी कर पेट मे नही खा सके अपनो के भविष्य के लिये निवेश किया अब अपने पैसो लेने के लिये परेशान है, किसी ने बेटी की शादी के लिये,तो किसी ने मकान,गाड़ी,शिछा आदि जरूरतो के वास्ते निवेश किया था लेकिन अब कैसे बेटियो के हाथ पीले करे,कैसे बच्चो को पढाये?उक्त सभी कंपनिया सरकार द्वारा गठित बोर्ड से पंजीक्रत थी।
दबंग निवेशको द्वारा एजेंटो को आयेदिन शारीरिक,मानसिक व आर्थिक रुप से प्रताडि़त किया जा रहा है जिससे कई एजेंट अपना घर छोड़ दूसरे शहरो मे मजदूरी करने चले गये, कुछ आत्महत्या भी कर चुके है लेकिन आज भी कदौरा, जोल्हुपुर, कालपी मे कंम्पनिया बाजार मे बोर्ड टॉगकर धड़ल्ले से धन जमा करवा रही है कब आफिस समेटकर गायब हो जायेंगे ये वक्त बतायेगा और भोली जनता कागज के प्रपत्र लिये हाथ मलती रह जायेगी क्योकि उरई व पुखरायॉ मे जिन कंपनियो के कार्यालय खुले थे आज गैर भुगतान किये अधिकांश कंपनियो के कार्यालय गायब है।

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