उत्तर प्रदेश कन्नौज

कन्नौज में सफाई दुर्ग समाप्त कर कन्नौज हुआ भगवा मय…….

कन्नौज : लोकसभा चुनाव में भले ही मोदी की सुनामी लहरों के चलते प्रदेश के अत्याधिक राजनीतिक दलों के समीकरण को ध्वस्त कर दिया हो।लेकिन वहीं दूसरी तरफ कन्नौज लोकसभा क्षेत्र की समाजवादियों का मजबूत स्तंभ माना जाता है यहां पर मतगणना की अंतिम चरणों में समाजवादी की मजबूत शाखाएं मोदी की सुनामी को बार-बार हिला देती थी लेकिन कहीं ना कहीं मोदी की इस सुनामी ने कन्नौज की इस बार जनता ने भी कन्नौज की पावन मिट्टी को एक नया सांसद देने व चुनने का फैसला ले ही लिया था खैर कड़ी मशक्कत करने के बाद भाजपाइयों के इस क्षेत्र में एक उत्साहित कर दिया कन्नौज लोकसभा क्षेत्र समाजवादियों का गढ़ माना जाता है समाजवादी विचारक डॉ लोहिया उनके प्रिय से मुलायम सिंह यादव उनके बेटे अखिलेश यादव एवं अखिलेश यादव के बाद उनकी पत्नी डिंपल यादव समाजवादी प्रत्याशी के रूप में 2014 तक अपनी जीत दर्ज करते हुए आई ,भाजपा के नेताओं ने सिर्फ दो बार अपनी जीत दर्ज की थी जिसमें राम प्रकाश त्रिपाठी व वर्ष 1991 के चुनाव में चंद्र भूषण सिंह भाजपा के सांसद पद के रूप में चुने गए थे तब से लेकर अब तक भाजपा लगातार समाजवादी दुर्ग पर अपना झंडा लहराने का प्रयास कर रही थी लेकिन इतनी आसानी से समाजवादी दुर्ग को भेद पाना मुमकिन ही नहीं नामुमकिन था ।खैर इस बार तो लोकसभा चुनाव में मोदी की सुनामी ने कई समूचे देश में तमाम राष्ट्रीय दलों को धूल चटा दी लेकिन वहीं समाजवादी दुर्घटना की सीट पर मतगणना के आखिरी चरणों में सपाइयों के दुर्ग को मजबूत दीवारों को भेजने के लिए लगातार प्रयासरत रही समाजवादी दल ने मोदी की सुनामी को जबरदस्त टक्कर दी फिर एक तरह मजबूत समाजवाद और दूसरी तरफ मोदी की सुनामी की चुनाव का माहौल बड़ा रोमांचक होता गया और दूसरी तरफ सपाइयों और भाजपाइयों के दिलों की धड़कन करी भक्ति कवि भरत बढ़ती नजर आ रही थी कड़ी मशक्कत करने के बाद आखिर सपा दुर्ग को भेद कर भाजपा प्रत्याशी सुब्रत पाठक ने 542314 मत हासिल कर विजयी हुए। सपा गठबंधन की प्रत्याशी डिंपल यादव को 53326 मत ही हासिल हुए। खैर कन्नौज समजवादी पार्टी को इस बार भाजपा पार्टी मोदी की सुनामी के तट मस्तक होना ही पड़ा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *