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गौरीगंज (अमेठी)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित उचित दर की 75 राशन दुकानें जल्द ही मॉडल शॉप बनेगी। पहले चरण में इसका सीधा फायदा दो लाख राशन कार्डधारकों को मिलेगा। इन दुकानों से अनाज के साथ ही कार्डधारकों को जनसुविधा केंद्र के साथ ही नकदी निकासी की सुविधा का फायदा भी भी मिलेगा। आपूर्ति विभाग के स्तर पर शुरू हुई इस कवायद के लिए राशन दुकानों को चिह्नित करने का कार्य भी शुरू हो गया है। इन मॉडल दुकानों के क्रियाशील हो जाने से ग्रामीणों को जहां तहसील, ब्लॉक व बैंक तक की दौड़ लगाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा वहीं कोटेदारों की आय में इजाफा होगा।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिले की 765 कोटे की दुकानों से 70,376 अंत्योदय व 2,79,250 पात्र गृहस्थी उपभोक्ताओं को प्रति माह राशन अनाज का वितरण किया जाता है। ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित इन कोटे की दुकानों पर अब ग्रामीणों को राशन के साथ ही कई अन्य सुविधाओं को लाभ भी मिलेगा। कार्ययोजना के पहले चरण में मॉडल के बतौर चिह्नित होने वाली 75 कोटे की दुकानों पर कार्डधारियों को राशन अनाज के साथ ही ई-स्टांप, आय, जाति व निवास, पैसा निकासी व जमा करने की सुविधा, विद्युत बिल जमा करने के साथ ही शासन स्तर पर संचालित अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। इसके लिए पूर्ति विभाग ने तहसीलवार कोटे की दुकान चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से संचालित होगी योजना
कोटे की दुकानों को मॉडल के रूप में संचालित करने के लिए पहले से चल रही आधार कार्ड रीडिंग सुविधा से लैस प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से ही कार्डधारकों को अन्य सुविधा का फायदा भी मिलेगा। इस मशीन की मदद से कोटेदार धन निकासी व जमा करने की सुविधा भी मुहैया कराने के साथ ही उपभोक्ता के बिजली बिल को भी जमा करा सकेंगे। मॉडल शॉप पर कंप्यूटर व इंटरनेट की सुविधा के साथ ही विभिन्न योजनाओं के आवेदन, ई-स्टॉप व रेल टिकट बुकिंग की भी सुविधा का लाभ भी जरूरतमंदों को आसानी से मिल सकेगा। इसके एवज में कोटेदारों को मिलने वाले सेवा शुल्क से उनकी आय भी बढ़ेगी। परेशानी से बचाने के लिए कोटे की इन मॉडल दुकानों पर राशन वितरण के साथ ही अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अलग अलग काउंटर का निर्माण भी होगा।
जिले में संचालित कोटे की 75 दुकानों को मॉडल के बतौर संचालित कराने का निर्देश शासन से मिला है। इन दुकानों के चयन के लिए सभी पूर्ति निरीक्षकों को पत्र भेजकर प्रस्ताव देने को कहा गया है। इसके बाद ही कोटेदारों को शासन की मंशा से अवगत कराते हुए अनुबंध की प्रक्रिया को पूरा कराते हुए अन्य सुविधाओं का फायदा दिलाया जाएगा। राजेश कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी

गौरीगंज (अमेठी)। सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत जिले में संचालित उचित दर की 75 राशन दुकानें जल्द ही मॉडल शॉप बनेगी। पहले चरण में इसका सीधा फायदा दो लाख राशन कार्डधारकों को मिलेगा। इन दुकानों से अनाज के साथ ही कार्डधारकों को जनसुविधा केंद्र के साथ ही नकदी निकासी की सुविधा का फायदा भी भी मिलेगा। आपूर्ति विभाग के स्तर पर शुरू हुई इस कवायद के लिए राशन दुकानों को चिह्नित करने का कार्य भी शुरू हो गया है। इन मॉडल दुकानों के क्रियाशील हो जाने से ग्रामीणों को जहां तहसील, ब्लॉक व बैंक तक की दौड़ लगाने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा वहीं कोटेदारों की आय में इजाफा होगा।

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन के तहत जिले की 765 कोटे की दुकानों से 70,376 अंत्योदय व 2,79,250 पात्र गृहस्थी उपभोक्ताओं को प्रति माह राशन अनाज का वितरण किया जाता है। ग्राम पंचायत स्तर पर संचालित इन कोटे की दुकानों पर अब ग्रामीणों को राशन के साथ ही कई अन्य सुविधाओं को लाभ भी मिलेगा। कार्ययोजना के पहले चरण में मॉडल के बतौर चिह्नित होने वाली 75 कोटे की दुकानों पर कार्डधारियों को राशन अनाज के साथ ही ई-स्टांप, आय, जाति व निवास, पैसा निकासी व जमा करने की सुविधा, विद्युत बिल जमा करने के साथ ही शासन स्तर पर संचालित अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा। इसके लिए पूर्ति विभाग ने तहसीलवार कोटे की दुकान चिन्हित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से संचालित होगी योजना

कोटे की दुकानों को मॉडल के रूप में संचालित करने के लिए पहले से चल रही आधार कार्ड रीडिंग सुविधा से लैस प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीन से ही कार्डधारकों को अन्य सुविधा का फायदा भी मिलेगा। इस मशीन की मदद से कोटेदार धन निकासी व जमा करने की सुविधा भी मुहैया कराने के साथ ही उपभोक्ता के बिजली बिल को भी जमा करा सकेंगे। मॉडल शॉप पर कंप्यूटर व इंटरनेट की सुविधा के साथ ही विभिन्न योजनाओं के आवेदन, ई-स्टॉप व रेल टिकट बुकिंग की भी सुविधा का लाभ भी जरूरतमंदों को आसानी से मिल सकेगा। इसके एवज में कोटेदारों को मिलने वाले सेवा शुल्क से उनकी आय भी बढ़ेगी। परेशानी से बचाने के लिए कोटे की इन मॉडल दुकानों पर राशन वितरण के साथ ही अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अलग अलग काउंटर का निर्माण भी होगा।

जिले में संचालित कोटे की 75 दुकानों को मॉडल के बतौर संचालित कराने का निर्देश शासन से मिला है। इन दुकानों के चयन के लिए सभी पूर्ति निरीक्षकों को पत्र भेजकर प्रस्ताव देने को कहा गया है। इसके बाद ही कोटेदारों को शासन की मंशा से अवगत कराते हुए अनुबंध की प्रक्रिया को पूरा कराते हुए अन्य सुविधाओं का फायदा दिलाया जाएगा। राजेश कुमार सिंह, जिला पूर्ति अधिकारी





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