उत्तर प्रदेश जालौन

खनन पटटो की जीपीएस से की जायें निगरानी- डीएम

वाहनों के जो रूट निर्धारित है उसी से करें आवागमन

० वन विभाग की जमीन पर नही बनेगा रास्ता अन्यथा होगा पटटा कैंसिल

० अधिक से अधिक फलदार वृक्ष लगाए जायें

० आदेश का पालन न करने पर हो सकता है पटटा निरस्त

उरई, (गोविंद सिंह दाऊ): बालू खनन के जो पुराने पटटे में जो रास्तें निर्धारित किए गए है उन्हीं से ट्रक ले जायें। यदि गलत मार्गो से वाहन निकाले जातें है तो संबधित का पटटा निरस्तीकरण की कार्यवाही अमल में लाई जायेंगी। इसके अलावा वन विभाग अपनी जमीन को सुरक्षित करें और उसमें किसी भी तरह के कोई भी रास्ते खनन के लिए न दें। अगर हैं तो उसकी सूचना दी जायें ताकि पटटा निरस्तीकरण की कार्यवाही अमल में लाई जा सकें। वहीं जीपीएस सिस्टम से की जायेंगी घाटों की निगरानी। उक्त बात जिलाधिकारी डा.मनान अख्तर आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में खनन एवं वृक्षारोपण की बैठक लेते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहीं।
उन्होंने कहा कि एक कमेटी गठन कर पटटाधारकों का निरीक्षण कराया जायें तथा वाहन निर्धारित रूट से आयें-जायें। यह निश्चित कर लिया जायें कि रास्ता वन विभाग की जमीन पर न हों। पटटाधारक यदि अवैध रूप से मार्ग बनाकर खनन करते है तो उनका पटटा निरस्त करने की कार्यवाही की जायें। पटटाधारको के क्षेत्र पर जीपीएस के माध्यम से बराबर नजर रखी जायें। ताकि वह अवैध खनन किसी भी स्थिति में न कर सकें। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि यदि किसी पुराने पटटाधारक ने जो रूट निर्धारित किए है उससे हटकर अगर ट्रको का संचालन किया तो उसका पटटा हर हाल में निरस्त कर दिया जायेंगा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए है कि किसी भी कीमत पर अवैध तरीकें से मार्गो पर बालू से भरे ट्रक न चलें और चलते हुए पाए जायेंगे तो कानूनी कार्यवाही को अमल में लाई हीं जायेंगी और जो भी पटटा चल रहा है उसे तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया जायेंगा। कई क्षेत्रों में पटटाधारक अपने अनुसार मार्गो का निर्माण किए है और जिसकी वजह से क्षेत्र की रोडो में भारी समस्या पैदा हो रहीं है। वहीं वन विभाग की जमीनो पर ट्रक गुजरने की लगातार शिकायतें आ रहीं है। चूंकि अब तक जीपीएस सिस्टम से नजर रखने के किसी प्रकार के कोई आदेश नहीं थे और पटटाधारक अपने अनुसार कार्य करते थे। इन पर अंकुश लगाने के लिए जो जीपीएस सिस्टम से जितने भी पटटाधारक है उनके क्षेत्रों को प्रतिबंधित कर दिया जायेंगें जिससे पल-पल की खबर लीं जा सकेें। जिलाधिकारी नरे अपने इरादें साफ कर दिए कि रोडो पर खुलवाड न करें और जबरन रूट बनाने का प्रयास न किया जायें जो नक्शा पुराने पटटाधारको ने अपने रास्तों के दिए है उसी के अनुसार कार्यवाही करें। उनका साफ कहना है कि लचर व्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जायेंगी इसलिए कमेटी गठित की जा रहीं है और इसका काम होगा कि वों पल-पल की जानकारी दें। वहीं उन्होने वन विभाग के अधिकारियों से कहा कि वों जो भी जमीने है उनको सुरक्षित करें। उन पर पीपल, पाकड़, महुआ, नीम, जामुन, सीसम के आदि फलदार वृक्ष लगाए जायें। बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, जिला खनन अधिकारी, जिला वनाधिकारी सहित खनन निदेशक के प्रतिनिधि व विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहें।