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गौरीगंज (अमेठी)। मौसमी बुखार के बीच जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। डेंगू मरीजों की सरकारी से अधिक भीड़ निजी पैथोलॉजी व अस्पतालों में दिख रही है। जिले में प्लाजमा व प्लेटलेट्स की व्यवस्था न होने के चलते लोग कार्ड से हुई जांच में पॉजिटिव आने के बाद दूसरे जिलों की दौड़ लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास निजी अस्पतालों वे पैथोलॉजी में जांच व इलाज कराने वालों का कोई डेटा नहीं है। डेटा न होने से ऐसे लोगों के घरों तक सरकारी सहायता भी नहीं पहुंच पा रही है।
सरकारी हों या निजी अस्पताल हर जगह बुखार, सर्दी-जुकाम पीड़ित मरीजों की भरमार है। बुखार ऐसा है कि दो दिन में ही मरीज का प्लेटलेट्स तेजी से घट रहीं हैं। जिले में ब्लड बैंक न होने से यहां प्लाजमा व प्लेटलेेट्स की व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल को छोड़कर अन्य सीएचसी पर जांच की भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।
ऐसे में लोग बुखार आने पर निजी चिकित्सालयों का सहारा ले रहे हैं। यह लोग जांच भी प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर करा रहे हैं। कम ही लोग ऐसे हैं जो जिला अस्पताल व सीएचसी पर जांच कराने पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों पर जितने लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं उससे कई गुना ज्यादा लोग निजी अस्पतालों पर जा रहे हैं।
निजी जांच केंद्र मरीज के डेंगू पॉजिटिव मिलने पर उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं। जबकि ऐसे सभी संचालकों को तत्काल ऐसे मरीजों की सूचना अपने क्षेत्र के सीएचसी अधीक्षक को देने का निर्देश है। सूचना नं होने के चलते ऐसे मरीजों के घर व गांव में न तो रैपिड रिस्पांस टीमें पहुंच रही हैं और न ही एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव हो पा रहा है। स्थिति तो यह है कि इन दिनों जिले का कोई गांव या घर ऐसा नहीं होगा जहां बुखार पीड़ित मरीज न होें। डेंगू हो या न हो लेकिन दो दिन के बुखार में प्लेटलेट्स 30 से 35 हजार तक पहुंच रही हैं।
सरकारी आंकड़ों में अब तक महज 128 डेंगू संक्रमित
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले भर में महज 128 लोग ही डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि एलाइजा जांच में अब तक 34 में डेंगू की पुष्टि हुई है। हकीकत ठीक इसके उलट है। यहां तो हर रोज निजी जांच केंद्रों पर कार्ड से हो रही जांच में कई दर्जन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।
यह हैं नियम
शासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार जिले में संचालित सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा पैथोलॉजी सेेंटर पर डेंगू पॉजिटिव के संभावित व कन्फर्म मरीज मिलने पर इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। इसके लिए विभाग की ओर से सभी सीएचसी अधीक्षकों को उनके क्षेत्र में संचालित अस्पताल व पैथोलॉजी सेंटरों की नियमित जांच व समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन की सूचना लेने को भी कहा गया है। बावजूद इसके कोई भी अधीक्षक इस पर पहल नहीं कर रहा और हर रोज ऐसे मरीज मिल भी रहे हैं। ऐसे में डेंगू संक्रमित मरीजों के घरों पर निरोधात्मक कार्यवाही भी नहीं की जा रही।
आशा व एएनएम बेपरवाह
इन दिनों चल रहे संचारी माह के दौरान सभी गांव की आशा, संगिनी व एएनएम को अपने क्षेत्र के सभी गांवों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। इनकी जिम्मेदारी है कि वे गांव में बुखार पीड़ित मरीजों की जानकारी तत्काल अस्पताल अधीक्षक को देते हुए उनके यहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं लेकिन ऐसा जिले के किसी क्षेत्र में नियमित नहीं हो रहा।
हवा में हो रही साफ-सफाई
संचारी माह में भी साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। सिर्फ ऐसे ही गांवों में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव व साफ-सफाई हो पा रही है जहां एक से अधिक मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं और वहां जिला स्तरीय टीम पहुंच रही है। गांवों को कौन कहे सरकारी संस्थानों व अस्पतालों पर ही गंदगी का अंबार जमा है।
लापरवाही पर होगी कार्रवाई
सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने कहा कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को संभावित व कन्फर्म डेंगू मरीज की रिपोर्ट आते ही टीम को गांव में भेजकर इलाज व निरोधात्मक कार्रवाई कराने का निर्दश दिया गया है। कहा कि यदि लापरवाही हो रही है तो पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे निजी संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पांच मिले डेंगू पॉजिटिव
डेंगू पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। बुखार पीड़ित मरीजों की कार्ड से हुई जांच में पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही सभी का सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। संचारी रोग अभियान के नोडल डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जगदीशपुर क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित इंडोगल्फ हॉस्पिटल में बुखार पीड़ित की कार्ड से हुई जांच में तिलोई, बाजार शुकुल व जगदीशपुर ब्लॉक क्षेत्र के एक-एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसी तरह शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल में भी जांच के दौरान शाहगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के अगल-अलग गांव के दो डेंगू के संभावित मरीज पाए गए हैं। सभी स्थानों पर रैपिड रिस्पांस टीम भेजकर निरोधात्मक कार्यवाही शुरू करा दी गई है। शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में 1101 मरीज इलाज कराने आए। उसमें से 498 मरीज बुखार व सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए।
डेढ़ से दोगुना बढ़ गए फलों के दाम
लोगों का मानना है कि डेंगू की चपेट में लगातार गिर रही प्लेटलेट्स को रोकने में नारियल पानी, कीवी, पपीता व मुसम्मी फल लाभदायक होते हैं। डेंगू का कहर बढ़ने के साथ दुकानदारों ने इनका दाम बढ़ा दिया है। बाजार में 15 दिन पूर्व तक 40 से 50 रुपये में मिलने वाला नारियल अब 60 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह पहले जहां 100 रुपये में चार कीवी मिलती थीं वहीं अब यह महज तीन मिल रही है। मुसम्मी भी 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तो पपीता 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो ग्राम मिल रहा है।

गौरीगंज (अमेठी)। मौसमी बुखार के बीच जिले में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। डेंगू मरीजों की सरकारी से अधिक भीड़ निजी पैथोलॉजी व अस्पतालों में दिख रही है। जिले में प्लाजमा व प्लेटलेट्स की व्यवस्था न होने के चलते लोग कार्ड से हुई जांच में पॉजिटिव आने के बाद दूसरे जिलों की दौड़ लगा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के पास निजी अस्पतालों वे पैथोलॉजी में जांच व इलाज कराने वालों का कोई डेटा नहीं है। डेटा न होने से ऐसे लोगों के घरों तक सरकारी सहायता भी नहीं पहुंच पा रही है।

सरकारी हों या निजी अस्पताल हर जगह बुखार, सर्दी-जुकाम पीड़ित मरीजों की भरमार है। बुखार ऐसा है कि दो दिन में ही मरीज का प्लेटलेट्स तेजी से घट रहीं हैं। जिले में ब्लड बैंक न होने से यहां प्लाजमा व प्लेटलेेट्स की व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल को छोड़कर अन्य सीएचसी पर जांच की भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं है।

ऐसे में लोग बुखार आने पर निजी चिकित्सालयों का सहारा ले रहे हैं। यह लोग जांच भी प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटरों पर करा रहे हैं। कम ही लोग ऐसे हैं जो जिला अस्पताल व सीएचसी पर जांच कराने पहुंच रहे हैं। सरकारी अस्पतालों पर जितने लोग इलाज कराने पहुंच रहे हैं उससे कई गुना ज्यादा लोग निजी अस्पतालों पर जा रहे हैं।

निजी जांच केंद्र मरीज के डेंगू पॉजिटिव मिलने पर उसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को नहीं दे रहे हैं। जबकि ऐसे सभी संचालकों को तत्काल ऐसे मरीजों की सूचना अपने क्षेत्र के सीएचसी अधीक्षक को देने का निर्देश है। सूचना नं होने के चलते ऐसे मरीजों के घर व गांव में न तो रैपिड रिस्पांस टीमें पहुंच रही हैं और न ही एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव हो पा रहा है। स्थिति तो यह है कि इन दिनों जिले का कोई गांव या घर ऐसा नहीं होगा जहां बुखार पीड़ित मरीज न होें। डेंगू हो या न हो लेकिन दो दिन के बुखार में प्लेटलेट्स 30 से 35 हजार तक पहुंच रही हैं।

सरकारी आंकड़ों में अब तक महज 128 डेंगू संक्रमित

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले भर में महज 128 लोग ही डेंगू पॉजिटिव पाए गए हैं। जबकि एलाइजा जांच में अब तक 34 में डेंगू की पुष्टि हुई है। हकीकत ठीक इसके उलट है। यहां तो हर रोज निजी जांच केंद्रों पर कार्ड से हो रही जांच में कई दर्जन मरीज डेंगू पॉजिटिव पाए जा रहे हैं।

यह हैं नियम

शासन की ओर से जारी निर्देश के अनुसार जिले में संचालित सभी सरकारी व निजी अस्पतालों के अलावा पैथोलॉजी सेेंटर पर डेंगू पॉजिटिव के संभावित व कन्फर्म मरीज मिलने पर इसकी सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दी जाए। इसके लिए विभाग की ओर से सभी सीएचसी अधीक्षकों को उनके क्षेत्र में संचालित अस्पताल व पैथोलॉजी सेंटरों की नियमित जांच व समन्वय स्थापित कर प्रतिदिन की सूचना लेने को भी कहा गया है। बावजूद इसके कोई भी अधीक्षक इस पर पहल नहीं कर रहा और हर रोज ऐसे मरीज मिल भी रहे हैं। ऐसे में डेंगू संक्रमित मरीजों के घरों पर निरोधात्मक कार्यवाही भी नहीं की जा रही।

आशा व एएनएम बेपरवाह

इन दिनों चल रहे संचारी माह के दौरान सभी गांव की आशा, संगिनी व एएनएम को अपने क्षेत्र के सभी गांवों पर पैनी नजर रखने को कहा गया है। इनकी जिम्मेदारी है कि वे गांव में बुखार पीड़ित मरीजों की जानकारी तत्काल अस्पताल अधीक्षक को देते हुए उनके यहां एंटी लार्वा का छिड़काव कराएं लेकिन ऐसा जिले के किसी क्षेत्र में नियमित नहीं हो रहा।

हवा में हो रही साफ-सफाई

संचारी माह में भी साफ-सफाई नहीं हो पा रही है। सिर्फ ऐसे ही गांवों में एंटी लार्वा दवाओं का छिड़काव व साफ-सफाई हो पा रही है जहां एक से अधिक मरीज पॉजिटिव मिल रहे हैं और वहां जिला स्तरीय टीम पहुंच रही है। गांवों को कौन कहे सरकारी संस्थानों व अस्पतालों पर ही गंदगी का अंबार जमा है।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सीएमओ डॉ. विमलेंदु शेखर ने कहा कि सभी सीएचसी अधीक्षकों को संभावित व कन्फर्म डेंगू मरीज की रिपोर्ट आते ही टीम को गांव में भेजकर इलाज व निरोधात्मक कार्रवाई कराने का निर्दश दिया गया है। कहा कि यदि लापरवाही हो रही है तो पूरे प्रकरण की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे निजी संचालकों पर भी कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पांच मिले डेंगू पॉजिटिव

डेंगू पॉजिटिव मरीजों के मिलने का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। बुखार पीड़ित मरीजों की कार्ड से हुई जांच में पांच की रिपोर्ट पॉजिटिव निकली। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलते ही सभी का सैंपल लेकर एलाइजा जांच के लिए लखनऊ भेजा जा रहा है। संचारी रोग अभियान के नोडल डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जगदीशपुर क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित इंडोगल्फ हॉस्पिटल में बुखार पीड़ित की कार्ड से हुई जांच में तिलोई, बाजार शुकुल व जगदीशपुर ब्लॉक क्षेत्र के एक-एक मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इसी तरह शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल में भी जांच के दौरान शाहगढ़ ब्लॉक क्षेत्र के अगल-अलग गांव के दो डेंगू के संभावित मरीज पाए गए हैं। सभी स्थानों पर रैपिड रिस्पांस टीम भेजकर निरोधात्मक कार्यवाही शुरू करा दी गई है। शुक्रवार को संयुक्त जिला अस्पताल की ओपीडी में 1101 मरीज इलाज कराने आए। उसमें से 498 मरीज बुखार व सर्दी-जुकाम से पीड़ित पाए गए।

डेढ़ से दोगुना बढ़ गए फलों के दाम

लोगों का मानना है कि डेंगू की चपेट में लगातार गिर रही प्लेटलेट्स को रोकने में नारियल पानी, कीवी, पपीता व मुसम्मी फल लाभदायक होते हैं। डेंगू का कहर बढ़ने के साथ दुकानदारों ने इनका दाम बढ़ा दिया है। बाजार में 15 दिन पूर्व तक 40 से 50 रुपये में मिलने वाला नारियल अब 60 रुपये में मिल रहा है। इसी तरह पहले जहां 100 रुपये में चार कीवी मिलती थीं वहीं अब यह महज तीन मिल रही है। मुसम्मी भी 40 रुपये से बढ़कर 60 रुपये प्रति किलो तो पपीता 40 रुपये से बढ़कर 50 रुपये प्रति किलो ग्राम मिल रहा है।





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