उत्तर प्रदेश कानपुर

सीएम की प्रसंसा पर संत को मुस्लिम लडको ने बेहरमी से पीटा

कुम्भ स्नान से लौटे संत ने वहां की व्यवस्थाओं के बारे में ग्रामीणों को दे रहे थ जानकारी, गांव के दबंगों ने इसी के चलते कर दी पिटाई, सजेती पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जुटी

कानपुर(उतर प्रदेश):- लोकसभा चुनाव का शंखदान हो चुका है। गांव, कस्बों और मोहल्लों में सियासत गर्म है। लोग अपने-अपने दलों और नेताओं के गुणगान कर रहे हैं। इसी बीच सजेती थानाक्षेत्र के दौलतपुर में एक संत को सीएम योगी की प्रसंसा करना भारी पड़ गया। गांव के दबंग नूर और अली अपने समर्थकों के साथ मंदिर में आ धमके और पूजा कर रहे साधू को जमकर पीटा। मरा समझ कर वो उसे फेंक मौकेे से फरार हो गए। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायल को अस्पताल में एडमिट करा आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।

मृत झमझ कर छोड़ा
दौलतपुर गांव के बाहर हनुमान मंदिर में पिछले बीस सालों मनोज बाबा पूजा-पाठ करते हैं। वो कुम्भ स्नान के बाद मंदिर लौटे। शाम को ग्रामीणों के साथ चैपाल लगाकर वहां के किस्से सुनाने के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ की प्रसंसा करते थे। इसकी खबर जब समाजवादी पार्टी से जुटे नूर व उसके भाई अली को हुई तो उन्होंने मनोज बाबा को सीएम व भाजपा का प्रचार करने से रोका, पर वो नहीं मानें। देरशाम दोनों भाई नशे में धूत होकर अपने अन्य साथियों के साथ मंदिर में आ धमके। मनोज बाबा को मंदिर से खींच कर लाए और उन्हें दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। मृत समझ कर आरोपी उन्हें मंदिर के पीछे फेंककर फरार हो गए।

ग्रामीणों ने कराया एडमिट

रामबाबू निषाद ने बताया कि सुबह वो मंदिर गए तो बाबा दर्द से कराह रहे थे। हमनें पुलिस को सूचना देने के बाद उन्हे अस्पताल में एडमिट कराया। जिसके चलते नूर और अली ने हमें भी ठिकानें लगाने का प्लाॅन बनाया। अस्पताल से घर लौटते वक्त उन्होंने हमें भी दबोच लिया और पिटाई की। पुलिस ने मनोज बाबा और रामबाबू की तहरीर पर दोनों भाईयों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मनोज बाबा ने बताया कि दोनों भाईयों का वर्चस्व है और कुछ दिन पहले उन्होंने ऐलान किया था कि गांव में जो भाजपा का प्रचार करेगा उसे बख्शा नहीं जाएगा।

सपा से जुड़े हैं दोनों भाई

दौलतपुर गांव में मुस्लिम के साथ निषाद समुदाय के लोग रहते हैं। 2014 और 2017 के चुनाव में यहां के मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में वोट किया था। जिसके कारण नूर और अली ग्रामीणों से खासे नाराज थे। दोनों भाई समाजवादी पार्टी के समर्थक बताए जा रहे हैं। मनोज बाबा ने कहा कि उन्हें राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है। वो तो कुम्भ में इंतजामों पर ग्रामीणों को जानकारी से अवगत करा रहे थे और इसी के चलते दोनों भाई हमसे रंिजस मानने लगे। सजेती थाना प्रभारी अमरेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एनसीआर दर्ज की गई है। आरोपितों नूर बख्श व उसके भाई नूर अली की तलाश की जा रही है।

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