खुशबू पति अनुज अग्रवाल के साथ।

खुशबू पति अनुज अग्रवाल के साथ।
– फोटो : अमर उजाला।

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पति बिजेनस को पूरा समय दे सकें और काम के दौरान घर, बच्चों की पढ़ाई व परिवार की देखभाल न करनी पड़े इसलिए पत्नी घर संभालने की जिम्मेदारी निभा रही है। शहर के बड़े कारोबारी, शैक्षणिक संस्था के मालिक अपनी सफलता का श्रेय पत्नी को ही देते हैं। पत्नी घर संभाल रही है, इसलिए वे बिजनेस संभाल पा रहे हैं।

मेरे लिए नामुमकिन कुछ भी नहीं
गृहिणी खुशबू अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक गृहिणी हूं, इसलिए घर बाहर, समाज सभी कुछ संभालने में सक्षम हूं। खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे पति के रूप में अनुज मिले हैं। अनुज के सुलझे व्यक्तित्व से मेरे व्यक्तित्व में निखार आया है। उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। वह मुझे बराबरी का हक देते हैं। एक मजबूत रिश्ते के लिए विश्वास, सम्मान और भरोसा जरूरी होता है। अनुज में यह गुण हैं। नौ साल की बेटी शान्विका और चार साल का बेटा आयांश के साथ बाहर की जिम्मेदारी मुझे सौंपकर वह निश्चिंत रहते हैं। पति के सहयोगी स्वभाव के कारण आत्मविश्वास बढ़ा रहता है। आत्मसम्मान भी है। दोनों के बीच तालमेल बहुत अच्छा है।

परिवार की सुपर वुमेन हैं खुशबू
आईटीएम गीडा व एडवोकेट इनकम टैक्स निदेशक अनुज अग्रवाल ने बताया कि बारह साल पहले खुशबू से शादी हुई। खुशबू के आने से मेरी जिंदगी बदल गई। संयुक्त परिवार होने के कारण परिवार और कारोबार दोनों संभालने की जिम्मेदारी थी। अब निश्चिंत रहता हूं। खुशबू अच्छी तरह से घर संभालती हैं। वह बच्चों की अच्छी परवरिश कर रही हैं। घर के किसी काम में कोई रुकावट नहीं आती है। वह पूरे परिवार की मालकिन हैं। परिवार के लिए बेहतरीन, प्रबंधक, संचालक, शिक्षक आदि भूमिकाएं अच्छे से निभा रही हैं। एक तरह से वह सुपर वुमेन हैं।

 

अमर उजाला के नेशनल वाइफ-डे यानी तीन नवंबर के संस्करण के लिए तीन गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनने का मौका मिलेगा। बता दें कि तीन नवंबर को नेशनल हाउस वाइफ-डे पर अमर उजाला का जो अंक प्रकाशित होगा, उसे तीन हाउस वाइफ का गेस्ट एडिटर पैनल तैयार करेगा। पैनल में शामिल महिलाओं को दो नवंबर को अमर उजाला कार्यालय में बुलाया जाएगा। इस दौरान वह एक संपादक की तरह अमर उजाला की रिपोर्टिंग टीम को निर्देशित करेंगी और खबरों का चयन करेंगी।

व्हाट्सएप नंबर 8299660608, 7617566160

क्विज कॉटेस्ट के नियम और शर्तें

  • यह कॉटेस्ट महिलाओं के लिए है
  • विवाहित होना अनिवार्य है
  • उम्र 45 से अधिक न हो
  • एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में एंट्री नहीं शामिल होगी।
  • निर्णायक मंडल का निर्णय अंतिम होगा

क्विज-7 की विजेता
अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ-डे कॉन्टेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। रात नौ बजे तक मिली प्रविष्टियों में से लकी ड्रा से 10 महिलाओं को विजेता चुना गया है।

ये बनीं विजेता

  • सीमा मिश्रा, तारामंडल
  • कविता चौधरी, बशारतपुर, आरोग्य मंदिर
  • दीपिका जायसवाल, जगदीशपुर
  • प्रियंका गोंड, पीपीगंज
  • नाजरिन खान, राप्तीनगर फेज-4
  • रुक्मणि गुप्ता, हुमायूंपुर
  • सुनीता भारती, रामजानकी नगर, बशारतपुर
  • अनुराधा त्रिपाठी, बेतियाहाता
  • बबली वर्मा, आर्यनगर, उत्तरी
  • नारायणी मिश्रा, कूड़ाघाट

सवाल- एमएमएमयूटी की खाली सीटें कब से भरी जाएंगी?
ए- चार नवंबर
बी-पांच नवंबर
सी-तीन नवंबर
डी- दो नवंबर

सवाल- जिला अस्पताल की सिटी स्कैन मशीन कितने दिनों से खराब है?
ए- 50 दिनों से ज्यादा
बी- 40 दिनों से ज्यादा
सी-30 दिनों से ज्यादा
डी-25 दिनों से ज्यादा

सवाल-तहसील क्षेत्रों में मेगा लीगल कैंप कब से कब तक लगेगा?
ए- पांच से सात नवंबर तक
बी- छह से दस नवंबर तक
सी- तीन से पांच नवंबर तक
डी- दो से छह नवंबर तक

सवाल- कटिहार-अमृतसर विशेष गाड़ी कब से चलेगी?
ए-एक नवंबर
बी- तीन नवंबर
सी- आठ नवंबर
डी- दस नवंबर

विस्तार

पति बिजेनस को पूरा समय दे सकें और काम के दौरान घर, बच्चों की पढ़ाई व परिवार की देखभाल न करनी पड़े इसलिए पत्नी घर संभालने की जिम्मेदारी निभा रही है। शहर के बड़े कारोबारी, शैक्षणिक संस्था के मालिक अपनी सफलता का श्रेय पत्नी को ही देते हैं। पत्नी घर संभाल रही है, इसलिए वे बिजनेस संभाल पा रहे हैं।

मेरे लिए नामुमकिन कुछ भी नहीं

गृहिणी खुशबू अग्रवाल ने बताया कि आधुनिक गृहिणी हूं, इसलिए घर बाहर, समाज सभी कुछ संभालने में सक्षम हूं। खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे पति के रूप में अनुज मिले हैं। अनुज के सुलझे व्यक्तित्व से मेरे व्यक्तित्व में निखार आया है। उनकी जितनी भी तारीफ की जाए कम है। वह मुझे बराबरी का हक देते हैं। एक मजबूत रिश्ते के लिए विश्वास, सम्मान और भरोसा जरूरी होता है। अनुज में यह गुण हैं। नौ साल की बेटी शान्विका और चार साल का बेटा आयांश के साथ बाहर की जिम्मेदारी मुझे सौंपकर वह निश्चिंत रहते हैं। पति के सहयोगी स्वभाव के कारण आत्मविश्वास बढ़ा रहता है। आत्मसम्मान भी है। दोनों के बीच तालमेल बहुत अच्छा है।

परिवार की सुपर वुमेन हैं खुशबू

आईटीएम गीडा व एडवोकेट इनकम टैक्स निदेशक अनुज अग्रवाल ने बताया कि बारह साल पहले खुशबू से शादी हुई। खुशबू के आने से मेरी जिंदगी बदल गई। संयुक्त परिवार होने के कारण परिवार और कारोबार दोनों संभालने की जिम्मेदारी थी। अब निश्चिंत रहता हूं। खुशबू अच्छी तरह से घर संभालती हैं। वह बच्चों की अच्छी परवरिश कर रही हैं। घर के किसी काम में कोई रुकावट नहीं आती है। वह पूरे परिवार की मालकिन हैं। परिवार के लिए बेहतरीन, प्रबंधक, संचालक, शिक्षक आदि भूमिकाएं अच्छे से निभा रही हैं। एक तरह से वह सुपर वुमेन हैं।

 





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