गृहिणी शगुन सिंह अपने पति पूर्वोत्तर रेलवे में सीपीआरओ पंकज सिंह के साथ।

गृहिणी शगुन सिंह अपने पति पूर्वोत्तर रेलवे में सीपीआरओ पंकज सिंह के साथ।
– फोटो : अमर उजाला।

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गृहिणी, कहने में तो एक शब्द है, लेकिन विस्तार करें तो इसमें धन और वैभव की देवी लक्ष्मी, शिक्षा का स्वरूप देवी सरस्वती, धन-धान्य की देवी अन्नपूर्णा और कल्याण स्वरूपा देवी दुर्गा की विशेषताएं समाहित हैं। इन विशेषताओं को धारण करने वाली गृहिणियां पति और परिवार का संबल हैं। गण्यमान्य हस्तियां भी अपनी सफलता और कामयाब जीवन में पत्नी के इस बहुआयामी रोल का ही हाथ मानते हैं।

तरक्की के शगुन से खिल उठी पंकज की जिंदगी
गृहिणी शगुन सिंह ने कहा कि ये पूर्वोत्तर रेलवे में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हैं। लेकिन, मेरे लिए पति होने के साथ केयरिंग सहयोगी हैं। यदि मुझ पर काम का अधिक बोझ होता है तो ये घर संभालने में मेरा सहयोग करते हैं। सौभाग्यशाली हूं कि मुझे इतना अच्छा पति मिला। शादी के वक्त एमटेक की पढ़ाई इलेक्ट्रानिक्स से पूरी कर चुकी थी। एक बर्ष बाद बेटा अनादि पैदा हुआ, फिर बिटिया अनादिता पैदा हुई। बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी के बीच पति ने पीएचडी करने को प्रेरित किया। गत वर्ष ही एमएमएमयूटी से पीएचडी पूरा किया है। ये मेरी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरा जैस जीवनसाथी हर गृहिणी को मिले।

मेरी जिंदगी और खूबसूरत हुई
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने कहा कि अपना ज्यादा समय पूर्वोत्तर रेलवे को अगर दे पाता हूं तो उसका श्रेय शगुन को जाता है। वो सभी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रही हैं। वह घर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की मालकिन हैं। मेरे जीवन में आने से जिंदगी और खूबसूरत हुई है। वो घर में बच्चों की परवरिश, माता-पिता की देखभाल के साथ घर के सभी कार्यों को बखूबी देखती हैं। मेरे ऑफिस रहने से घर का कोई काम प्रभावित नहीं होता है।

 

अमर उजाला के नेशनल वाइफ-डे यानी तीन नवंबर के संस्करण के लिए तीन गृहिणियों को गेस्ट एडिटर बनने का मौका मिलेगा। बृहस्पतिवार को भी बड़ी संख्या में गृहिणियों ने प्रविष्टियां भेजीं। सभी प्रविष्टियों में उत्तर शत प्रतिशत सही पाए गए। अधिक प्रविष्टियां होने के कारण दस भाग्यशाली विजेताओं का चयन लकी ड्रॉ के जरिए किया गया। चुनी गईं दस गृहिणियों को आकर्षक गिफ्ट हैंपर दिए जाएंगे।

31 अक्तूबर तक चुनी गई इन्हीं विजेताओं में से गेस्ट एडिटर पैनल के लिए तीन और चलिए होटल रेडिसन ब्लू के लिए चार गृहिणियों का चुनाव किया जाएगा। इसी प्रक्रिया के तहत चुनी गईं चार हाउस वाइफ को परिवार समेत फाइव स्टार होटल रेडिसन ब्लू में डिनर का मौका मिलेगा। हम आपको बता दें कि तीन नवंबर को नेशनल हाउस वाइफ डे पर अमर उजाला तीन हाउस वाइफ का गेस्ट एडिटर पैनल बनाएगा। दो नवंबर को उन्हें अमर उजाला कार्यालय बुलाया जाएगा और वे एक संपादक की तरह अमर उजाला की रिपोटिंग टीम से काम लेंगी।

क्विज कांटेस्ट की नियम-शर्तें

  • यह कांटेस्ट केवल महिलाओं के लिए है
  • महिला का विवाहित होना अनिवार्य है
  • शैक्षणिक योग्यता स्नातक होना चाहिए
  • उम्र 45 वर्ष से अधिक न हो
  • क्विज में उसी दिन के अमर उजाला में प्रकाशित समाचारों से संबंधित प्रश्न
  • पूछे जाएंगे। जवाब के विकल्पों में सही पर टिक करना होगा
  • 31 अक्तूबर को आखिरी क्विज प्रकाशित होगी
  • 20 सफल विजेताओं से तीन गेस्ट एडिटर चुनी जाएंगी
  • गेस्ट एडिटर का चुनाव होटल रेडिसन ब्लू में सामान्य लिखित परीक्षा से होगा
  • अमर उजाला के पाठकों के अलावा अन्य गृहणियां भी भाग ले सकती हैं। उन्हें
  • अमर उजाला में प्रकाशित क्विज पूरी तरह से भरकर भेजना होगा।
  • एक बार विजेता घोषित होने के बाद अन्य क्विज में आपकी एंट्री नहीं शामिल होगी।

 

अपराजिता नेशनल हाउस वाइफ डे कॉन्टेस्ट में बड़ी संख्या में महिलाएं प्रतिभाग कर रही हैं। रात नौ बजे तक मिली इन प्रविष्टियों में से लकी ड्रा के जरिये 10 महिलाओं को विजेता चुना गया।

क्विज चार: लकी ड्रा के जरिए चुनी गई विजेता
नाम                             पता

मिलन अग्रवाल            दुर्गाबाड़ी सरस्वती शिशु मंदिर के पास
श्रुति निषाद                 बशारतपुर
बबली वर्मा                 आर्यनर उत्तरी
प्रतिमा सिंह                 वृंदावनी कॉलोनी सहारा इस्टेट  
पूजा अग्रवाल               अलीनगर उत्तरी
अंजली शर्मा                 रसूलपुर गोरखनाथ
सरिता सिंह                 सिंघड़िया न्यू कॉलोनी
अनू सिंह                    डोहरिया बाजार
पूजा कश्यप                बसंतपुर खास लालडिग्गी
दीक्षा उपाध्याय             विशुनपुरवा कूड़ाघाट

सवाल- दिव्यांगजन उपकरण वितरण समारोह कहां आयोजित होगा?
ए- महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज
बी- जुबली इंटर कॉलेज
सी- महात्मा गांधी इंटर कॉलेज
डी- एडी गर्ल्स इंटर कॉलेज

सवाल- चौरीचौरा एक्सप्रेस किस स्टेशन पर रुकेगी?
ए- मुनौरी
बी-कैंट
सी- गोरखपुर
डी-जगतबेला

सवाल- डेंगू के कितने नए मरीज मिले हैं?
ए-चार
बी-दो
सी-एक
डी-तीन

सवाल- स्वच्छ त्योहार महोत्सव कौन मना रहा है?
ए-नगर निगम
बी-जीडीए
सी- जिला प्रशासन
डी- जल निगम

विस्तार

गृहिणी, कहने में तो एक शब्द है, लेकिन विस्तार करें तो इसमें धन और वैभव की देवी लक्ष्मी, शिक्षा का स्वरूप देवी सरस्वती, धन-धान्य की देवी अन्नपूर्णा और कल्याण स्वरूपा देवी दुर्गा की विशेषताएं समाहित हैं। इन विशेषताओं को धारण करने वाली गृहिणियां पति और परिवार का संबल हैं। गण्यमान्य हस्तियां भी अपनी सफलता और कामयाब जीवन में पत्नी के इस बहुआयामी रोल का ही हाथ मानते हैं।

तरक्की के शगुन से खिल उठी पंकज की जिंदगी

गृहिणी शगुन सिंह ने कहा कि ये पूर्वोत्तर रेलवे में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) हैं। लेकिन, मेरे लिए पति होने के साथ केयरिंग सहयोगी हैं। यदि मुझ पर काम का अधिक बोझ होता है तो ये घर संभालने में मेरा सहयोग करते हैं। सौभाग्यशाली हूं कि मुझे इतना अच्छा पति मिला। शादी के वक्त एमटेक की पढ़ाई इलेक्ट्रानिक्स से पूरी कर चुकी थी। एक बर्ष बाद बेटा अनादि पैदा हुआ, फिर बिटिया अनादिता पैदा हुई। बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी के बीच पति ने पीएचडी करने को प्रेरित किया। गत वर्ष ही एमएमएमयूटी से पीएचडी पूरा किया है। ये मेरी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि मेरा जैस जीवनसाथी हर गृहिणी को मिले।

मेरी जिंदगी और खूबसूरत हुई

पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने कहा कि अपना ज्यादा समय पूर्वोत्तर रेलवे को अगर दे पाता हूं तो उसका श्रेय शगुन को जाता है। वो सभी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन कर रही हैं। वह घर ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार की मालकिन हैं। मेरे जीवन में आने से जिंदगी और खूबसूरत हुई है। वो घर में बच्चों की परवरिश, माता-पिता की देखभाल के साथ घर के सभी कार्यों को बखूबी देखती हैं। मेरे ऑफिस रहने से घर का कोई काम प्रभावित नहीं होता है।

 





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