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– फोटो : अमर उजाला।

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की 10 करोड़ से ज्यादा की भविष्य निधि (पीएफ) में गड़बड़ी के मामले में विवि प्रशासन ने मौजूदा आउटसोर्सिंग एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय लिया है। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान 15 दिन के अंदर विश्वविद्यालय खुद या नई एजेंसी के माध्यम से करेगा।

अमर उजाला ने 22 अक्तूबर के अंक में आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने का मामला प्रमुखता से उठाया था। जिसे संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह की अध्यक्षता में वित्त समिति की हुई बैठक में पीएफ के मामले पर बिंदुवार चर्चा हुई।

तय किया गया कि वर्ष 2006 से पीएफ की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की जाए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पीएफ निधि का अंश नियमित जमा ही नहीं हुआ है। सिर्फ कागजों में यह रकम जमा होती रही है। विश्वविद्यालय में कार्य कर रही मौजूदा आउटसोर्सिंग एजेंसी ने कर्मचारियों के पीएफ का करीब 10 करोड़ रुपये जमा नहीं कराए हैं।

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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में तैनात आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की 10 करोड़ से ज्यादा की भविष्य निधि (पीएफ) में गड़बड़ी के मामले में विवि प्रशासन ने मौजूदा आउटसोर्सिंग एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने का निर्णय लिया है। साथ ही आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के बकाया वेतन का भुगतान 15 दिन के अंदर विश्वविद्यालय खुद या नई एजेंसी के माध्यम से करेगा।

अमर उजाला ने 22 अक्तूबर के अंक में आउट सोर्सिंग कर्मचारियों का पीएफ जमा न करने का मामला प्रमुखता से उठाया था। जिसे संज्ञान में लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्रवाई की है। शुक्रवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह की अध्यक्षता में वित्त समिति की हुई बैठक में पीएफ के मामले पर बिंदुवार चर्चा हुई।

तय किया गया कि वर्ष 2006 से पीएफ की जांच पड़ताल कर रिपोर्ट तैयार की जाए। आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के पीएफ निधि का अंश नियमित जमा ही नहीं हुआ है। सिर्फ कागजों में यह रकम जमा होती रही है। विश्वविद्यालय में कार्य कर रही मौजूदा आउटसोर्सिंग एजेंसी ने कर्मचारियों के पीएफ का करीब 10 करोड़ रुपये जमा नहीं कराए हैं।





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