उत्तर प्रदेश जालौन

तीन वर्ष से फरार चल रहे अपहृत को पुलिस ने दबोचा

० एसपी स्वामी प्रसाद ने किया घटना का खुलासा

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-। ससुरालीजनों पर दहेज अधिनियम का मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के उद्देश्य से अपने फर्जी अपहरण का मुकदमा ससुरालीजनों पर दर्ज करवा कर तीन वर्ष से फरार चले अपहृत को पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दविश देकर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पुलिस अधीक्षक स्वामी प्रसाद ने घटना का खुलासा करते हुए बताया कि 15 मई 2017 को वादी नाथूराम पुत्र खेमराज निवासी ग्राम तिरावली थाना कुठौंद तहरीर देते हुए बताया था कि प्रेम सिंह पुत्र रामसेवक, रामसेवक पुत्र मंगली, रामजानकी पत्नी रामसेवक, रानी देवी पुत्री रामसेवक निवासी ग्राम हमीरपुरा, जगम्मनपुर थाना रामपुरा के खिलाफ न्यायालय के आदेश पर वादी के पुत्र मुकेश का अपहरण करने का मुकदमा दर्ज करवाया गया था।उन्होंने बताया कि कुठौंद थानाध्यक्ष दीपक मिश्रा हमराही फोर्स उप निरीक्षक उमेश सिंह, का. पवन यादव सर्विलांस सेल, का. योगेंद्र कुमार, का. अजीत कुमार बांछित अपराधियों की तलाश में भ्रमण कर रहे थे कि मुखबिर से सूचना मिली कि अपहृत अपने माता-पिता से मिलने ग्राम तिरावली आ रहा है। पुलिस टीम ने तत्काल कार्यवाही करते हुए सनगढ पुलिया के पास तिरावली जाने वाले मार्ग से अपहृत मुकेश को पुलिस ने दबोच लिया।अपहृत मुकेश ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि ससुरालीजनों विपक्षी प्रेम सिंह उपरोक्त द्वारा मेरे खिलाफ दहेज अधिनियम का मुकदमा सम्बंधित धाराओं के तहत दर्ज गया मेरे पिता नाथूराम ने ससुरालीजनों पर मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के लिए उसके अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस को मुकेश ने यह भी बताया कि इसी बजह से छिप कर सूरत गुजरात में काम करने लगा था वह छिपकर अपने माता-पिता से मिलने गांव जा रहा था तभी पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया।

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