उत्तर प्रदेश जालौन

राजनैतिक दलों के नेताओं में दल बदल करने की खुशफुस, सुगबुगाहट तेज

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-। लोकसभा चुनाव के मतदान की तारीख ज्यों ज्यों नजदीक आती जा रही है त्यों त्यों राजनैतिक गतिविधियां तेज हो जाने के कारण राजनैतिक दलों के नेताओं एवं कार्य कर्ताओं में दल बदल करने की खुशफुस एवं सुगबुगाहट तेज हो गयी है।
कालपी क्षेत्र का राजनैतिक परिदृश्य सपा बसपा गठबंधन, कांग्रेस एवं भाजपा के बीच होने के कारण इन्हीं दलों में कार्य कर्ताओं की मक्खन पालिस शुरू हो गई है। भाजपा लोकसभा चुनाव जीतने हेतु सभी तरह के हथकंडे अपना रही है वर्तमान सांसद भानुप्रताप वर्मा को पार्टी हाईकमान ने पुनः चुनाव मैदान में उतारा है मगर इस बार आम जनता से लेकर भाजपा कार्यकर्ता काफी नाराज दिख रहे हैं कारण चार बार सांसद रहे लेकिन जनता से हजारों किलोमीटर की दूरी बनाए रहे। पिछली बार तो मोदी की आंधी ने नैया पार लग़ा दी थी इस बार भगवान ही मालिक है। नगर एवं क्षेत्र में यही चर्चा का विषय बना हुआ है जिससे लोगों का मोहभंग होना स्वाभाविक है। इसी कड़ी में पूर्व सांसद घनश्याम अनुरागी ने पाला बदलते बदलते अब भाजपा का दामन थाम लिया है देखना है वह भाजपा के लिए क्या गुल खिलाते हैं हालांकि बहुत से भाजपाई उनको पार्टी में शामिल होने पर अन्दर ही अन्दर पचा नहीं पा रहे हैं।
राजनैतिक परिदृश्य से इस बार नगर में सर्वाधिक चर्चा का विषय मुस्लिम मतदाता है जो कि लगभग सोलह हजार के आसपास है तथा कालपी विधानसभा क्षेत्र में तीस हजार के लगभग मतदाता है जिनका रुझान सीधे सपा बसपा गठबंधन की ओर ही जाता दिखाई दे रहा है क्योंकि कि बसपा का अपना सीधा कैडर बोट है और इसी प्रकार सपा का भी कैडर बोट है। कांग्रेस के पास कैडर बोट नहीं है। सिर्फ पूर्व विधायक उमाकांती के पति सुरेन्द्र सिंह सरसेला चौरासी के क्षत्रिय समाज में अपनी पैठ मजबूती से बनाये हुए हैं और कुछ उनका व्यक्ति गत व्यवहारिकता का वोट बैंक है इसलिए जो भाजपा को शिकस्त देता दिखाई देगा उसी ओर इस वर्ग का रुझान होगा बाकी तो ऊंट किस करवट बैठता है आगे आने वाला समय ही बतायेगा।
ब्राम्हण मतदाता भी इस चुनाव में असमंजस की स्थिति में फसा दिखाई दे रहा है उसको भी विकल्प की तलाश है अब देखना है कौन सा दल ब्राम्हण पकड़ बनाने में सफल होता है। ब्राम्हण अपने पत्ते नहीं खोल रहा है हो सकता है नोटा का इस्तेमाल कर जाये।