उत्तर प्रदेश जालौन

जिलापूर्ति विभाग की मनमानी से गरीब राशनकार्ड धारक परेशान

० राशन कार्ड की सूची से गरीबों के नाम नदारद

उरई (जालौन)। (गोविंद सिंह दाऊ):- पात्रग्रहस्थी राशन कार्ड योजना के लाभांवितों की सूची से कथित गरीब परिवारों का नाम काट दिए गए।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गरीबो एक जहां गरीबो को खाने को अन्न देने का वादा करते वही एक ओर जिला पूर्ति विभाग इनके हक को छीने जाने का कार्य कर रहा है।बड़ी मुश्किल से पूर्ति कार्यालय का चक्कर काट काट के जिन गरीबो ने राशन बनवाये थे उनके नाम राशन सूची से गायब है।मेनहत मजदूरी कर पेट पालने वाले लोगो की भूख में भी अब यह विभाग डाका डाल रहा है।पात्र गृहस्थी से बिन वजह बिन कारण बताए नाम उड़ा दिए।नाम काटने वालो की माली हालत देखी जाए तो गरीबी को भी शर्म आ जाये।इस बीच सूची से हटाए गए गरीब परिवारों को राशन भी नहीं मिल रहा है। शहर के मुहल्ला नया पाठकपुरा में रहने वाली बिंदवती कहती है कि वह खुद दिमागी कैंसर की मरीज है। प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी है एक कमरे के मकान में रहती है, उसका पति मजदूर है।जिसका एक पैर खराब इसके बावजूद उसका नाम सूची से हटा दिया गया है। वही रहने वाली आशा देवी पत्नी स्व गेंदालाल जो कि विधवा है मजदूरी करती है।बच्चो का पेट मजदूरी करके पालती है।उनका राशन भी काट दिया।
मुहल्ले की ही विधवा अनीता देवी पत्नी स्व धर्मेन्द्र कुमार कहती है।कि उनके पति का भी देहांत हो चुका है उनके छोटे छोटे 2 बच्चे है अब वो कैसे उनको कहना खिलाएंगी।विधवा पेंशन से ही उनका गुजरा होता है।
वही रहने वाली मनोरमा पत्नी ओमप्रकाश कहती है कि वह एक विद्यालय में रसोइया है उनकी एक छोटी सी बच्ची है उनके पति ई रिक्शा चालक है।उनका भी राशन काट दिया।आज सुबह जब वो राशन लेने गई तो कोटेदार क्रांति देवी ने कहा आपका नाम इस सूची में नही है।तब उनको पता चला कि इनका राशन काट दिया गया।जब कोटेदार से कहा कि क्यों हट गया तो उन्होंने कहा कि यह विभागीय वेबसाईट से हटा है पूर्तिनीरक्षक से बात करो।
बतादें कि जिन लोगो के राशन काटे गए उनके पास रहने को आवास तक नही है छत पर टीन शेड डले है ।इनकी कमाई का कोई साधन नही।और इन के जैसे कई लोगो के राशन काट दिए जाते है।और उनको विभागीय चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ता है।जबकि इनमें लाभांवित परिवारों का नाम हटाने के पूर्व इनको एक नोटिस जारी किया जाता है। नोटिस की कॉपी, नोटिस का तामिला प्रतिवेदन, दिया जाता है।लेकिन यह विभाग अपनी मनमानी पर उतारू है।जो गरीबो का हक खा रहा है।
अब यह लोग जिलाधिकारी जालौन डा मन्नान अख्तर से गुहार लगा अपने हक की लड़ाई लड़ेंगी की उनका राशन क्यों काटा गया।कैसे उनके घर चूल्हा जलेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *