उत्तर प्रदेश जालौन

25 अप्रैल को प्रियंका गांधी के रोडशो की तैयारियां पूरी

०कांग्रेस की ओर बढ़ रहा मतदाताओं का रुझान
० ब्राह्मण वर्ग का भाजपा से मोहभंग ,कांग्रेस बनी विकल्प_

उरई (जालौन)।(गोविंद सिंह दाऊ):-। उत्तर प्रदेश में तीन दशक से राजनीतिक ‘वनवास’ झेल रही कांग्रेस के लिए प्रियंका गांधी एक ‘संजीवनी’ साबित हो रही हैं ।प्रियंका की सक्रियता से किसी समय कांग्रेस का समर्थक रहा उच्च वर्ग का मतदाता एक बार फिर भाजपा से पलटी मार कांग्रेस की ओर लौटने लगा है, और दलित, अन्य पिछड़े वर्ग के मतदाता भी कांग्रेस की तरफ मुड़ने लगे है ।
“प्रियंका में इंदिरा गांधी की झलक है और वह युवाओं की पहली पसंद बनती जा रही हैं। ऐसे में प्रियंका को कम आंकना हर किसी दल के लिए बड़ी भूल होगी। आम लोगों से मेल-मिलाप का जो तौर-तरीका प्रियंका में है, वह किसी अन्य नेताओं में नहीं दिखता। रही बात मतदाताओं की तो उच्च वर्ग, दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग कभी कांग्रेस के आधार वोट बैंक हुआ करते थे। उच्च वर्ग भाजपा, दलित बसपा और अन्य पिछड़ा वर्ग एवं मुसलमान के सपा खेमे में चले जाने से यहां कांग्रेस बेहद कमजोर हुई है। लेकिन अब लगता है कि एक बार फिर कांग्रेस अपने परंपरागत मतदाताओं में पकड़ मतबूत कर अपनी ज़ोरदार वापिसी कर रही है ।
“यह सच है कि दलित वर्ग के जाटव बसपा, और पिछड़ा वर्ग के यादव मतदाता सपा को तिलांजलि नहीं दे सकते। लेकिन कई दलित और पिछड़े खेमे की जातियां जो इन दोनों दलों से हताश हैं और वे कांग्रेस को अपना पुराना घर मान कर वापसी कर सकती हैं। सपा-बसपा का गठबंधन मुस्लिम मतों का विभाजन रोकने के लिए हुआ है, लेकिन अब प्रियंका के आने से अल्पसंख्यक वर्ग का रुझान भी कांग्रेस की तरफ दिखने लगा है। अल्पसंख्यक बुद्धिजीवी कहते हैं, “कुछ देर के लिए मान भी लिया जाए कि सपा-बसपा गठबंधन भाजपा को उत्तर प्रदेश में हराने की कूबत रखता है, तो भी केन्द्र में दोनों दल सरकार नहीं बना सकते। ऐसे में अल्पसंख्यक वर्ग दुविधा में है और गठबंधन के बजाय कांग्रेस उनकी पहली पसंद बन गई है। प्रियंका के उरई में रोड शो के प्रति सभी वर्गों में उत्साह है ,इससे भाजपा, सपा व बसपा तीनों को नुकसान संभव है।और कांग्रेस प्रत्याशी मुख्य मुकाबले में आकर आम लोगो की चर्चाओं मे आ गए है।