उत्तर प्रदेश जालौन

बगैर सर्जन के चल रहा सदर अस्पताल

० आपरेशन के नाम पर मरीजों को निजी चिकित्सालयों में भेजा जाता

उरई (जालौन)(गोविंद सिंह दाऊ):-। । बगैर सर्जन के सदर अस्पताल आपरेशन के नाम पर मरीजों को निजी चिकित्सालयों में भेजा जाता।
विदित हो कि जिला अस्पताल में दो सर्जन डा. श्रीकांत तिवारी एवं डा. बसंत लाल तैनात थे डा. श्रीकांत तिवारी पूर्व में नौकरी से त्यागपत्र देकर अपना निजी नर्सिंग होम चला रहे है श्रीकांत तिवारी के बाद डा. बसंतलाल अकेले पूरे अस्पताल को देख रहे थे जहां गम्भीर लोगों भी उनके यहां लम्बी चौड़ी लगी रहती थी और वे काफी आपरेशन जिनमें महिलाओं की संख्या ज्यादा होती थी वह अपने ऊपर ज्यादा लोड सहन नहीं कर पाये और उन्होंने अपना स्थानांतरण जनपद के बाहर कानपुर करवा लिया उनके स्थानांतरण के करीब दो माह पूर्व यहां से चले गये थे लेकिन आज तक उनके स्थान पर किसी सर्जन की तैनाती नहीं की जा सकी है।जबकि अस्पताल में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का आना-जाना लगा रहता है जिनके गम्भीर आपरेशन नहीं हो पाते उन्हें यहां से महानगरों के लिए रिफर कर दिया जा रहा है।जबकि केंद्र व प्रदेश की सरकार गरीबों के प्रति काफी गम्भीर है ऐसी स्थिति में अस्पताल के सीएमएस डा. ए. के. सक्सेना को यह कदम नहीं उठाना चाहिए था जब तक नये सर्जन की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक डा. बसंतलाल को रिलीव नहीं करना चाहिए था।