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मैनपुरी के थाना कुरावली क्षेत्र में 22 साल पहले नाली के विवाद में दो पक्षों में हुई मारपीट में दोनों पक्ष दोषी पाए गए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी ने मुकदमे की सुनवाई करने के बाद दंपती सहित सात लोगों को तीन तीन साल की सजा सुनाई है। 

यहां का है मामला 

थाना कुरावली क्षेत्र के गांव नानामऊ में छह मई 2000 को नाली के विवाद में रामेश्वर तथा कमल किशोर के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी डंडे चले। रामेश्वर ने कमल किशोर उसके पुत्र रोबिन, राहुल सहित गांव के शिवनंदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे पक्ष की ओर से कमल किशोर की पत्नी उर्मिला ने रामेश्वर उनकी पत्नी ममता सहित पुत्र दुर्विजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच करने के बाद सातों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।

ये भी पढ़ें – Agra: विकास प्राधिकरण ने अरबों रुपये खर्च कर बनाए आशियाने, लेकिन खरीदार नहीं, जानें वजह

दोनों पक्षों की ओर से हुई गवाही 

मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों ने अदालत में एक दूसरे के खिलाफ गवाही दी। अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक और चिकित्सक ने भी गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों पक्षों के सातों लोगों को मारपीट करने का दोषी पाया गया। गवाही के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी ने दोनों पक्षों के दंपती सहित सात लोगों को तीन तीन साल की सजा सुनाई है।

विस्तार

मैनपुरी के थाना कुरावली क्षेत्र में 22 साल पहले नाली के विवाद में दो पक्षों में हुई मारपीट में दोनों पक्ष दोषी पाए गए हैं। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी ने मुकदमे की सुनवाई करने के बाद दंपती सहित सात लोगों को तीन तीन साल की सजा सुनाई है। 

यहां का है मामला 

थाना कुरावली क्षेत्र के गांव नानामऊ में छह मई 2000 को नाली के विवाद में रामेश्वर तथा कमल किशोर के बीच विवाद हुआ था। दोनों पक्षों के बीच जमकर लाठी डंडे चले। रामेश्वर ने कमल किशोर उसके पुत्र रोबिन, राहुल सहित गांव के शिवनंदन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। दूसरे पक्ष की ओर से कमल किशोर की पत्नी उर्मिला ने रामेश्वर उनकी पत्नी ममता सहित पुत्र दुर्विजय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच करने के बाद सातों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।

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दोनों पक्षों की ओर से हुई गवाही 

मुकदमे की सुनवाई अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी की कोर्ट में हुई। दोनों पक्षों ने अदालत में एक दूसरे के खिलाफ गवाही दी। अभियोजन पक्ष की ओर से विवेचक और चिकित्सक ने भी गवाही दी। गवाही के आधार पर दोनों पक्षों के सातों लोगों को मारपीट करने का दोषी पाया गया। गवाही के आधार पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सत्येंद्र कुमार चौधरी ने दोनों पक्षों के दंपती सहित सात लोगों को तीन तीन साल की सजा सुनाई है।





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