प्रतीकात्मक तस्वीर

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कोरोना महामारी की वजह से जिन विद्यार्थियों के सिर से माता का साया उठ गया है या उनके माता और पिता में कोई एक नहीं है। उन्हें सरकार की ओर से अब लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा।

पहले चरण में कक्षा नौ और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले 80 विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। अभ्यर्थी का कक्षा नौ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सरकार के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग ने लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

शासन की पहल से लैपटॉप के वितरण से विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाने में मदद मिलेगी। वे ऑनलाइन कक्षाओं के साथ तकनीकी शिक्षा को ग्रहण करने में निपुण बन सकेंगे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत जून 2021 में हुई है।

सरकार विद्यालय जाने योग्य सभी बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करवा रही है। इनमें से जिले के अंदर कोरोना से माता-पिता या दोनों में से कोई एक को गंवाने वाले 563 विद्यार्थियों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।

सितंबर की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक सुरक्षा सेक्टर की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश दिया था कि कोरोना महामारी में अपने अभिभावकों को खो चुके निराश्रित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप दिया जाए।  

 

जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से अब तक लैपटॉप वितरण के लिए 48 लाभार्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। 32 के दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया गतिमान है। अगले सप्ताह तक इसे भी पूरा कर शासन को सूची भेजी जाएगी।

29 और लाभार्थियों को मिलेगी चार हजार की प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत मिलने वाली चार हजार रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि का लाभ अब जल्द ही जिले के 29 और बच्चों को मिलेगा। जिला प्रोबेशन विभाग के प्रस्ताव पर इन नामों को शासन से अनुमति मिल गई है। जिसके बाद अब लाभार्थियों की संख्या 563 से बढ़कर 592 हो जाएगी।

जिला प्रोबेशन अधिकारी सर्वजीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत कोरोना महामारी से निराश्रित जिले के 80 विद्यार्थियों को लैपटॉप प्रदान किया जाएगा। इसे लेकर लाभार्थियों का सत्यापन कार्य गतिमान है जिसे जल्द पूरा कर लैपटॉप प्रदान किया जाएगा।

 

विस्तार

कोरोना महामारी की वजह से जिन विद्यार्थियों के सिर से माता का साया उठ गया है या उनके माता और पिता में कोई एक नहीं है। उन्हें सरकार की ओर से अब लैपटॉप भी प्रदान किया जाएगा।

पहले चरण में कक्षा नौ और उससे ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले 80 विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया जाएगा। अभ्यर्थी का कक्षा नौ उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सरकार के निर्देश पर जिला प्रोबेशन विभाग ने लाभार्थियों के सत्यापन का कार्य प्रारंभ कर दिया है।

शासन की पहल से लैपटॉप के वितरण से विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा का उजाला फैलाने में मदद मिलेगी। वे ऑनलाइन कक्षाओं के साथ तकनीकी शिक्षा को ग्रहण करने में निपुण बन सकेंगे। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की शुरुआत जून 2021 में हुई है।

सरकार विद्यालय जाने योग्य सभी बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करवा रही है। इनमें से जिले के अंदर कोरोना से माता-पिता या दोनों में से कोई एक को गंवाने वाले 563 विद्यार्थियों को चार हजार रुपये प्रतिमाह की दर से प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा।

सितंबर की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजी जा चुकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सामाजिक सुरक्षा सेक्टर की कार्ययोजना का प्रस्तुतिकरण के दौरान निर्देश दिया था कि कोरोना महामारी में अपने अभिभावकों को खो चुके निराश्रित विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप दिया जाए।  

 





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