उत्तर प्रदेश जालौन

मतगणना के संबंध में महत्वपूर्ण बिन्दु पर उतर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने काम करने को दिये आदेश

लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2019

लखनऊ (उत्तर प्रदेश) के सभी 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों हेतु प्रदेश के 75 जनपदों में दिनांक 23 मई, 2019 को प्रातः 08ः00 बजे से मतगणना प्रारम्भ होगी। 80 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों के साथ ही 89-आगरा उत्तर तथा 138-निघासन विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के उप निर्वाचन-2019 की मतगणना भी दिनांक 23 मई, 2019 को ही प्रातः 08 बजे से होगी।
उत्तर प्रदेश में कुल 77 मतगणना केन्द्र बनाये गये हैं। जनपद आजमगढ़ तथा कुशीनगर में मतगणना 02 केन्द्रों पर हो रही है, जबकि अन्य जनपदों में मतगणना एक केन्द्र पर हो रही है। प्रदेश में कुल 1,63,484 मतदेय स्थलों (1,63,332 मूल तथा 152 सहायक) पर मतदान हुआ है। मतगणना हेतु किसी जनपद में अवस्थित सभी विधानसभा क्षेत्रों की गणना उसी जनपद में स्थित मतगणना केन्द्र पर सम्पादित की जायेगी।

लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2019 में कुल 979 उम्मीदवार हैं। मतगणना हेतु स्ट्रांग रूम को सभी प्रत्याशियों अथवा उनके अभिकर्ता तथा भारत निर्वाचन आयोग द्वारा नामित प्रेक्षक की उपस्थिति में खोला जायेगा एवं मतगणना हेतु मशीनें मतगणना स्थल पर लायी जायेंगी।

प्रत्येक विधानसभा खण्ड में ईवीएम मशीनों की मतगणना हेतु सामान्यतया 14 मतगणना टेबल तथा एक एआरओ टेबल लगायी गयी हैं। एआरओ टेबिल सहित प्रत्येक टेबिल पर प्रत्येक उम्मीदवार को एक काउन्टिंग एजेन्ट लगाये जाने की अनुमति है एवं प्रत्येक टेबिल पर मशीन में दिखाये गये रिजल्ट की एक प्रति 14 टेबिल पर उपस्थित मतगणना एजेन्ट को भी उपलब्घ कराई जायेगी। प्रत्येक टेबिल पर 01 काउन्टिंग सुपरवाइजर एवं 01 सहायक मतगणना के कार्य को सम्पादित करेंगे एवं 01 माइक्रो आब्जर्वर इस कार्य का पर्यवेक्षण करेंगे। उपरोक्त माइक्रो आब्जर्वर केन्द्रीय कर्मचारियों के पूल से नामित किये गये हैं।

ईवीएम में रिजल्ट देखने से पहले उस पर लगायी गयी सील को बरकरार होने तथा उनके नम्बरों का मिलान किया जायेगा। मतगणना के समय जिन मतदेय स्थलों पर माकपोल के दौरान माकपोल के मतों को मशीन से क्लियर नहीं किया गया था उन पर भारत निर्वाचन आयोग द्वारा वीवीपैट स्लिप से गणना किये जाने के निर्देश निर्गत किये गये हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त यदि तकनीकी कारणों से किसी मशीन का रिजल्ट प्रदर्शित नहीं हो रहा है तो ऐसी दशा में भी उस मतदेय स्थल के मतों की गणना वीवीपैट स्लिप के माध्यम से की जायेगी। ऐसे समस्त प्रकरणों की मशीनों को अलग कर दिया जायेगा एवं उस चक्र में उस मशीन के सापेक्ष वाली टेबिल खाली रखी जायेगी। ऐसी सभी मशीनों के सापेक्ष वीवीपैट स्लिप की गिनती समस्त मशीनों की गणना के उपरान्त अन्त में की जायेगी एवं एक अन्य चक्र के माध्यम से मतगणना में जोड़ी जायेगी।

उपरोक्त बिन्दु-5 में अंकित प्रकरणों से संबंधित मतदेय स्थलों को अलग करते हुये शेष मतदेय स्थलों की पर्चियां बनायी जायेंगी एवं रेण्डम रूप से 05 पर्चियां चुनते हुए उनकी वीवीपैट की स्लिप की गणना की जायेगी एवं उसके सापेक्ष ईवीएम से आॅंकलित मतों से मिलान कराया जायेगा। यह प्रक्रिया समस्त गणना प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् की जायेगी।
ऽप्रत्येक चक्र के पश्चात् एसी वार एवं पीसी वार मतगणना का रिजल्ट घोषित किया जायेगा। एसी वार/चक्रवार मतगणना का रिजल्ट संबंधित एआरओ द्वारा तथा पीसी वार/चक्रवार मतगणना का रिजल्ट आरओ द्वारा संकलित करते हुये समय-समय पर किया जायेगा। जो संसदीय क्षेत्र एक से अधिक जनपदों में अवस्थित हैं उनकी चक्रवार पीसीवार मतगणना की उद्घोषणा में थोड़ा अधिक समय लगने की सम्भावना है।

पोस्टल बैलेट को दो श्रेणियों में विभाजित करते हुये गणना की जायेगी। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा सेवा मतदाताओं को ईटीपीबीएस साफ्टवेयर के माध्यम से जो मतपत्र प्रेषित किये गये थे उनमें से डाक द्वारा वापस प्राप्त मतपत्रों की सर्वप्रथम क्यूआरकोड स्कैनर से स्कैनिंग करते हुये यह सत्यापित किया जायेगा कि वे वही मतपत्र हैं जो अधिकृत रूप से रिटर्निंग अधिकारी द्वारा प्रेषित किये गये थे एवं ऐसे सभी वैध मतपत्रों को गणना हेतु संकलित कर लिया जायेगा। उपरोक्त प्रक्रिया इस हेतु भारत निर्वाचन आयोग द्वारा अधिसूचित काउन्टिंग एआरओ के नेतृत्व में की जायेगी एवं ईटीपीबीएस की संख्या के आधार पर एक काउन्टिंग एआरओ के नेतृत्व में अधिकतम 10 टेबिल लगाते हुये की जायेगी। पूरे स्कैनिंग हाल हेतु प्रत्येक प्रत्याशी को 01 काउन्टिंग एजेन्ट नियुक्त किये जाने की अनुमति होगी। द्वितीय श्रेणी में वह पोस्टल बैलेट हैं जो रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जनपद में कार्यरत कर्मचारियों को निर्वाचन ड्यूटी सम्पादन के कारण दिये गये हैं। इस श्रेणी के मतपत्रों में भी वैधता का परीक्षण किया जायेगा एवं गणना हेतु संकलित किया जायेगा।

वउपरोक्त दोनो श्रेणी के मतपत्रों की गणना रिटर्निंग अधिकारी की टेबिल के साथ इस प्रयोजन हेतु अधिसूचित सहायक रिटर्निंग अधिकारियों द्वारा की जायेगी। संख्या की दृष्टि से प्रत्येक संसदीय क्षेत्र में टेबिल की संख्या का निर्धारण किया गया है। प्रत्येक टेबिल पर सहायक रिटर्निंग अधिकारी के नेतृत्व में एक मतगणना सुपरवाइजर एवं दो सहायक लगाये गये हैं जो कि मतगणना का कार्य सम्पादित करेंगे। यह मतगणना सुपरवाइजर राजपत्रित अधिकारियों की श्रेणी के होंगे। प्रत्येक टेबिल पर पर्यवेक्षण हेतु एक माइक्रो आब्जर्वर की तैनाती की गयी है। प्रत्येक टेबिल पर हर प्रत्याशी को एक काउन्टिंग एजेन्ट नियुक्त किये जाने की अनुमति प्रदान की गयी है।
ऽउपरोक्तानुसार पोस्टल बैलेट के मतपत्रों को अन्त में मतगणना में जोड़ा जायेगा।

मतगणना प्रक्रिया पर नजर रखने हेतु आयोग द्वारा 149 प्रेक्षक तैनात किये गये हैं। जो संसदीय क्षेत्र एक से अधिक जनपदों में अवस्थित हैं वहाॅं पर एक से अधिक प्रेक्षक तैनात किये गये हैं। उपरोक्त के अतिरिक्त पूरी मतगणना प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराये जाने के निर्देश दिये गये हैं।

मतगणना हाॅल के अन्दर अनाधिकृत व्यक्तियों को मोबाइल फोन अनुमन्य नहीं होगा। एआरओ एवं काउन्टिंग सुपरवाइजर जिन्हें मतगणना साफ्टवेयर पर कार्य करने हेतु ओटीपी की आवश्यकता है उन्हें मोबाइल फोन ले जाने की अनुमन्यता प्रदान की गयी है परन्तु वे अधिकारी भी ओटीपी देखने के अलावा अतिरिक्त समय में अपने मोबाइल को स्विच आफ रखेंगे।

सभी अभिकर्ता अपना फोटोयुक्त पास अपने शरीर पर प्रदर्शित करेंगे।
सुरक्षा के दृृष्टिकोण से मतगणना हाॅल के चारों ओर तीन परिधियाँ बनायी जायेगी एवं सुरक्षा की व्यवस्था तीनों परिधियों में सुनिश्चित की जायेगी। सुरक्षा व्यवस्था हेतु पर्याप्त संख्या में केन्द्रीय रिजर्व बल एवं स्थानीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की गयी है। काउन्टिंग रूम में मतगणना कक्ष के अन्दर जब तक किसी विशेष परिस्थिति में आरओ द्वारा आदेशित न किया जाये, पुलिस बल प्रवेश नहीं करेगा। मतगणना स्थल में कोई व्यक्ति अनधिकृृत प्रवेश नहीं करेगा।
मतगणना के दिन पूरे प्रदेश में मदिरा की दुकानें बन्द रहेंगी।

मतगणना स्थल पर मीडिया की सुविधा के लिए मीडिया सेन्टर स्थापित किया जायेगा एवं चक्रवार मतगणना के रिजल्ट मीडिया को नियमित अन्तराल पर दिये जाने के निर्देश निर्गत किये गये हैं।

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