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इटावा। सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन का ट्रेनों के संचालन पर बुरा असर पड़ा है। इटावा जंक्शन स्टेशन पर रुककर बिहार की ओर जाने और वहां से आने वाली पांच ट्रेनें सोमवार को तीसरे दिन भी निरस्त रहीं। इससे तमाम यात्री अपने गंतव्य को नहीं जा पाए।
तीन ट्रेनें छह से 10 घंटे तक देर से पहुंचीं। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर पर ही घंटों इंतजार करना पड़ा। रविवार को 13, शनिवार को तीन ट्रेनें निरस्त थीं। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया इटावा जंक्शन स्टेशन से तीन दिनों में 504 यात्रियों ने टिकट रद्द कराए। 18 जून को सबसे ज्यादा 243, 19 जून को 127 और 20 जून को 134 ने टिकट कैंसिल कराया।
ये ट्रेनें रहीं निरस्त
सोमवार को हावड़ा को जाने वाली कालका, नई दिल्ली को जाने वाली नीलांचल और वैशाली एक्सप्रेस, बरौनी से बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस, पटना से कोटा जाने वाली पटना-कोटा एक्सप्रेस
ये देर से आईं
डाउन साइड की पूर्वा चार घंटे, अप साइड की पूर्वा छह घंटे, अप साइड की फरक्का एक्सप्रेस 10 घंटे
आम दिनों में रहती है भीड़भाड़
नई दिल्ली- हावड़ा ट्रैक पर टूंडला जंक्शन व कानपुर सेंट्रल के बीच में इटावा जंक्शन महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। स्टेशन पर दो जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें रुकती हैं। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ के अलावा ग्वालियर, कोटा के लिए सीधी ट्रेनें हैं। इस वजह से आसपास के जिलों के लोग भी लखनऊ अथवा नई दिल्ली जाने के लिए इटावा स्टेशन से ट्रेनें पकड़ते हैं।

इटावा। सेना में भर्ती की अग्निपथ योजना के विरोध में देशभर में चल रहे विरोध प्रदर्शन का ट्रेनों के संचालन पर बुरा असर पड़ा है। इटावा जंक्शन स्टेशन पर रुककर बिहार की ओर जाने और वहां से आने वाली पांच ट्रेनें सोमवार को तीसरे दिन भी निरस्त रहीं। इससे तमाम यात्री अपने गंतव्य को नहीं जा पाए।

तीन ट्रेनें छह से 10 घंटे तक देर से पहुंचीं। इससे यात्रियों को स्टेशन परिसर पर ही घंटों इंतजार करना पड़ा। रविवार को 13, शनिवार को तीन ट्रेनें निरस्त थीं। उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित सिंह ने बताया इटावा जंक्शन स्टेशन से तीन दिनों में 504 यात्रियों ने टिकट रद्द कराए। 18 जून को सबसे ज्यादा 243, 19 जून को 127 और 20 जून को 134 ने टिकट कैंसिल कराया।

ये ट्रेनें रहीं निरस्त

सोमवार को हावड़ा को जाने वाली कालका, नई दिल्ली को जाने वाली नीलांचल और वैशाली एक्सप्रेस, बरौनी से बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस, पटना से कोटा जाने वाली पटना-कोटा एक्सप्रेस

ये देर से आईं

डाउन साइड की पूर्वा चार घंटे, अप साइड की पूर्वा छह घंटे, अप साइड की फरक्का एक्सप्रेस 10 घंटे

आम दिनों में रहती है भीड़भाड़

नई दिल्ली- हावड़ा ट्रैक पर टूंडला जंक्शन व कानपुर सेंट्रल के बीच में इटावा जंक्शन महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन है। स्टेशन पर दो जोड़ी शताब्दी एक्सप्रेस समेत कई अन्य महत्वपूर्ण ट्रेनें रुकती हैं। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ के अलावा ग्वालियर, कोटा के लिए सीधी ट्रेनें हैं। इस वजह से आसपास के जिलों के लोग भी लखनऊ अथवा नई दिल्ली जाने के लिए इटावा स्टेशन से ट्रेनें पकड़ते हैं।



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