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मैनपुरी। जिले में बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं, लेकिन विभाग उन्हें डेंगू संदिग्ध नहीं मान रहा है। दो मरीजों की मंगलवार को मौत हो गई। वहीं, जिला अस्पताल में सात अन्य मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। दो मरीजों को हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया।
बुखार से पीड़ित मरीजों की जिस प्रकार से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं और लोगों की मौत हो रही है, उससे कहीं न कहीं डेंगू की संभावना प्रकट हो रही है। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव दूल्हापुर निवासी रामनाथ (48) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन ने बताया कि रामनाथ की प्लेटलेट्स करीब 25 हजार रह गई थीं। प्लेटलेट्स कम होने के कारण उसकी मौत हो गई। किशनी थाना क्षेत्र के कस्बा कुसमरा निवासी रामवीर सिंह की 17 वर्षीय पुत्री छाया को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। छाया अपनी बुआ के यहां निवासी कर रही थी। परिजन पिछले तीन दिन से कुसमरा में उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ी परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
200 मरीजों को दिया गया प्राथमिक उपचार
जिला अस्पताल में अवकाश के चलते मंगलवार को 12 बजे तक ओपीडी हुई। इस दौरान बुखार के 200 मरीज पहुंचे। जिन्हें फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ ने उपचार दिया। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।
सांस की दिक्कत से तीन की मौत
जिला अस्पताल में सर्दी जुकाम और सांस की दिक्कत से तीन और मरीजों की मौत हो गई। शहर के मोहल्ला वंशीगोहरा निवासी मोनू पुत्र रामसेवक (22) को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम था। परिजन उसका निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर मंगलवार को परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भोगांव के नगला महुआ निवासी जयवीर सिंह और सीएमओ कार्यालय में तैनात प्रधान लेखाकार रामवीर सिंह चौहान की मां सरला देवी (90) की सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हो गई।
जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत हुई है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी उनकी उम्र 90 साल थी। अन्य मरीजों को परिजन मृत अवस्था में लेकर पहुंचे थे।
डॉ. मदनलाल, सीएमएस जिला अस्पताल

मैनपुरी। जिले में बुखार के मरीजों की प्लेटलेट्स कम हो रही हैं, लेकिन विभाग उन्हें डेंगू संदिग्ध नहीं मान रहा है। दो मरीजों की मंगलवार को मौत हो गई। वहीं, जिला अस्पताल में सात अन्य मरीजों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। दो मरीजों को हालत बिगड़ने पर रेफर किया गया।

बुखार से पीड़ित मरीजों की जिस प्रकार से प्लेटलेट्स कम हो रही हैं और लोगों की मौत हो रही है, उससे कहीं न कहीं डेंगू की संभावना प्रकट हो रही है। दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव दूल्हापुर निवासी रामनाथ (48) को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। परिजन उनका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजन ने बताया कि रामनाथ की प्लेटलेट्स करीब 25 हजार रह गई थीं। प्लेटलेट्स कम होने के कारण उसकी मौत हो गई। किशनी थाना क्षेत्र के कस्बा कुसमरा निवासी रामवीर सिंह की 17 वर्षीय पुत्री छाया को पिछले कुछ दिनों से बुखार आ रहा था। छाया अपनी बुआ के यहां निवासी कर रही थी। परिजन पिछले तीन दिन से कुसमरा में उसका एक निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। मंगलवार को उसकी हालत बिगड़ी परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

200 मरीजों को दिया गया प्राथमिक उपचार

जिला अस्पताल में अवकाश के चलते मंगलवार को 12 बजे तक ओपीडी हुई। इस दौरान बुखार के 200 मरीज पहुंचे। जिन्हें फिजीशियन और बाल रोग विशेषज्ञ ने उपचार दिया। जिला अस्पताल में पिछले कुछ दिनों से बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है।

सांस की दिक्कत से तीन की मौत

जिला अस्पताल में सर्दी जुकाम और सांस की दिक्कत से तीन और मरीजों की मौत हो गई। शहर के मोहल्ला वंशीगोहरा निवासी मोनू पुत्र रामसेवक (22) को पिछले कुछ दिनों से सर्दी जुकाम था। परिजन उसका निजी डॉक्टर से उपचार करा रहे थे। हालत बिगड़ने पर मंगलवार को परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। भोगांव के नगला महुआ निवासी जयवीर सिंह और सीएमओ कार्यालय में तैनात प्रधान लेखाकार रामवीर सिंह चौहान की मां सरला देवी (90) की सांस लेने में दिक्कत के चलते मौत हो गई।

जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की मौत हुई है, जिन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी उनकी उम्र 90 साल थी। अन्य मरीजों को परिजन मृत अवस्था में लेकर पहुंचे थे।

डॉ. मदनलाल, सीएमएस जिला अस्पताल





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