ख़बर सुनें

मथुरा। छठ पूजा की कान्हा की नगरी में धूम मची है। पूर्वांचल से जुडे़ लोग इस पर्व को धूमधाम के साथ मना रहे हैं। यमुना किनारे विभिन्न घाटों पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परंपराएं निभाई जा रही हैं। इस पर्व से जुडे़ घाटों पर उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को छठ पूजन के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। उग हे सूरज देव, भइले अर्घ्य के बेरिया… दर्शन देहु ना, हे छठी मइया जैसे पारंपरिक लोक गीतों को गायन हुआ।
२८ अक्तूबर से शुरू हुए चार दिवसीय छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। श्रद्धालुओं का संध्या ४ बजे से घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। अनेक व्रतियों ने यमुना में स्नान किया और उसके बाद सूर्य की ओर मुख कर फल, फूल आदि हाथ में रखकर अर्घ्य दिया हैं। छठ पूजन के दौरान लोगों की भीड़ और पंरपरा की भव्यता देखते ही बन रही थी। सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
अस्त होते सूर्य की किरणों ने लालिमा फैलाना शुरू किया अर्घ्य देने का दौर शुरू हो गया। रिफाइनरी टाउनशिप सहित कोयला घाट, अड्डा घाट, विश्राम घाट सहित वृंदावन में यमुना के घाटों पर पहुंचे व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। सूर्यास्त के बाद सभी लोग घरों को चले गए। खरना से शुरू हुए 36 घंटे के निर्जला व्रत के दौरान महिलाएं जमीन पर सो रही हैं। सोमवार की सुबह सूर्योदय होने पर सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
मथुरा। छठ पूजन को लेकर नगर निगम ने यमुना के घाटों पर खास इंतजाम किए हैं। खासकर प्रदूषण को रोकने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं।
नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया छठ पूजा को जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में विश्राम घाट, सती घाट, बंगाली घाट एवं अड्डा घाट व वृंदावन नगर के केशी घाट, जुगलघाट, देवराहा घाट, चीर घाट पर मनाया गया। इन घाटों पर महापौर डॉ मुकेश आर्यबंधु एवं नगर आयुक्त अनुनय झा ने निरीक्षण भी किया।
छठ पूजा के दृष्टिगत 30 के बाद 31 अक्तूबर को मुख्य आयोजन होगा। इसके लिए यमुना नदी के घाटों पर विशेष सफाई कराई गई है। 03 पालियों में सफाई कर्मचारियों एवं पर्यवेक्षक अधिकारियों की तैनाती की गई। छठ पूजा के दौरान ठोस अपशिष्ट पदार्थों के नदी में प्रवाहित न हो इसके भी विशेष प्रयास किए गए हैं। घाटों पर अर्पण कलश की स्थापना कराई गई है। जिससे अर्पित की जाने वाली सामग्रियों को नदी में प्रवाहित होने से रोका जा सके। घाटों के आसपास मोबाइल टॉयलेट एवं पेयजल आपूर्ति के लिए पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था के साथ घाटों के आसपास हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान लगवाए गए हैं। लाइट्स लगवाई हैं।
मथुरा। छठ पूजा के तीसरे दिन पूर्वांचल समिति ने अड्डा घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
समिति के अध्यक्ष बी के सिंह ने बताया कि यह पर्व प्रकृति के दूत भगवान सूर्य की आराधना का पर्व है।
समिति के सदस्यों ने घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कलाकारों में जयराम सिंह, आभा द्विवेदी, ऋतु मोहन, रेणु शर्मा, दिनेश सिंह, संतोष सिंह, सीमा सिंह, सुमिता देवी, कंचन रंजन ने अपनी प्रस्तुति से घाट पर समा बाँध दिया।
इधर, कोयला घाट पर भारतीय सांस्कृतिक समाज द्वारा पूजन धूम धाम से किया गया। मीडिया प्रभारी शशी भूषण दुबे ने बताया कि इस पर्व में लोग घर आते हैं। इससे परिवार की कड़ी मजबूत होती है। एसएन दुबे, प्रेम, नंद किशोर शाह, सत्य नारायण, जेपी सिंह, संजय पांडेय, विभाषा कुमार, दिलीप दुबे, नितेश राहुल सिंह , कामेश्वर पाठक, रविंद्र सिंह, पीयूष आदि शामिल हुए।

मथुरा। छठ पूजा की कान्हा की नगरी में धूम मची है। पूर्वांचल से जुडे़ लोग इस पर्व को धूमधाम के साथ मना रहे हैं। यमुना किनारे विभिन्न घाटों पर धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परंपराएं निभाई जा रही हैं। इस पर्व से जुडे़ घाटों पर उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को छठ पूजन के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। उग हे सूरज देव, भइले अर्घ्य के बेरिया… दर्शन देहु ना, हे छठी मइया जैसे पारंपरिक लोक गीतों को गायन हुआ।

२८ अक्तूबर से शुरू हुए चार दिवसीय छठ पूजा के तीसरे दिन डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया गया। श्रद्धालुओं का संध्या ४ बजे से घाटों पर पहुंचना शुरू हो गया था। अनेक व्रतियों ने यमुना में स्नान किया और उसके बाद सूर्य की ओर मुख कर फल, फूल आदि हाथ में रखकर अर्घ्य दिया हैं। छठ पूजन के दौरान लोगों की भीड़ और पंरपरा की भव्यता देखते ही बन रही थी। सांस्कृति कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।

अस्त होते सूर्य की किरणों ने लालिमा फैलाना शुरू किया अर्घ्य देने का दौर शुरू हो गया। रिफाइनरी टाउनशिप सहित कोयला घाट, अड्डा घाट, विश्राम घाट सहित वृंदावन में यमुना के घाटों पर पहुंचे व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। सूर्यास्त के बाद सभी लोग घरों को चले गए। खरना से शुरू हुए 36 घंटे के निर्जला व्रत के दौरान महिलाएं जमीन पर सो रही हैं। सोमवार की सुबह सूर्योदय होने पर सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।

मथुरा। छठ पूजन को लेकर नगर निगम ने यमुना के घाटों पर खास इंतजाम किए हैं। खासकर प्रदूषण को रोकने के लिए कई व्यवस्थाएं की गई हैं।

नगर आयुक्त अनुनय झा ने बताया छठ पूजा को जीरो वेस्ट इवेंट के रूप में विश्राम घाट, सती घाट, बंगाली घाट एवं अड्डा घाट व वृंदावन नगर के केशी घाट, जुगलघाट, देवराहा घाट, चीर घाट पर मनाया गया। इन घाटों पर महापौर डॉ मुकेश आर्यबंधु एवं नगर आयुक्त अनुनय झा ने निरीक्षण भी किया।

छठ पूजा के दृष्टिगत 30 के बाद 31 अक्तूबर को मुख्य आयोजन होगा। इसके लिए यमुना नदी के घाटों पर विशेष सफाई कराई गई है। 03 पालियों में सफाई कर्मचारियों एवं पर्यवेक्षक अधिकारियों की तैनाती की गई। छठ पूजा के दौरान ठोस अपशिष्ट पदार्थों के नदी में प्रवाहित न हो इसके भी विशेष प्रयास किए गए हैं। घाटों पर अर्पण कलश की स्थापना कराई गई है। जिससे अर्पित की जाने वाली सामग्रियों को नदी में प्रवाहित होने से रोका जा सके। घाटों के आसपास मोबाइल टॉयलेट एवं पेयजल आपूर्ति के लिए पानी के टैंकरों की भी व्यवस्था के साथ घाटों के आसपास हरे एवं नीले रंग के कूड़ेदान लगवाए गए हैं। लाइट्स लगवाई हैं।

मथुरा। छठ पूजा के तीसरे दिन पूर्वांचल समिति ने अड्डा घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।

समिति के अध्यक्ष बी के सिंह ने बताया कि यह पर्व प्रकृति के दूत भगवान सूर्य की आराधना का पर्व है।

समिति के सदस्यों ने घाट पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। कलाकारों में जयराम सिंह, आभा द्विवेदी, ऋतु मोहन, रेणु शर्मा, दिनेश सिंह, संतोष सिंह, सीमा सिंह, सुमिता देवी, कंचन रंजन ने अपनी प्रस्तुति से घाट पर समा बाँध दिया।

इधर, कोयला घाट पर भारतीय सांस्कृतिक समाज द्वारा पूजन धूम धाम से किया गया। मीडिया प्रभारी शशी भूषण दुबे ने बताया कि इस पर्व में लोग घर आते हैं। इससे परिवार की कड़ी मजबूत होती है। एसएन दुबे, प्रेम, नंद किशोर शाह, सत्य नारायण, जेपी सिंह, संजय पांडेय, विभाषा कुमार, दिलीप दुबे, नितेश राहुल सिंह , कामेश्वर पाठक, रविंद्र सिंह, पीयूष आदि शामिल हुए।





Source link

0Shares

ताज़ा ख़बरें

%d bloggers like this: