आज कहां-कहां दिखाई पड़ेगा चंद्र ग्रहण
15 दिनों के अंतराल में यह दूसरा ग्रहण है। इसके पहले कार्तिक अमावस्या पर दिवाली के बाद 25 अक्तूबर को सूर्य ग्रहण लगा था। 08 नवंबर को लगने वाला अंतिम चंद्र ग्रहण एशिया, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, हिंद महासागर, प्रशांत महासागर और यूरोप के देशों में दिखाई देगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण पूर्वी क्षेत्रों के शहरों में ईटानगर, कोलकाता, पटना, रांची और गुवाहाटी पूर्ण चंद्र ग्रहण लेगा। वहीं बाकी जगहों पर आंशिक चंद्र ग्रहण लेगाआज 08 नवंबर को साल का आखिरी चंद्र ग्रहण है और सूतक काल जारी है। ग्रहण भारत में ज्यादातर हिस्सों में आंशिक रूप से दिखाई देगा। सबसे पहले अरुणाचल प्रदेश में पूर्ण चंद्र देखने को मिलेगा। भारत में ग्रहण दिखाई देने के कारण इसका सूतक काल मान्य होगा। ग्रहण से 09 घंटे पहले सूतक काल लग जाएगा। यह ग्रहण आज मेष राशि और भरणी नक्षत्र में लग रहा है।
खुली आंखों से देख सकते हैं चंद्र ग्रहण
अब से थोड़ी देर बाद चंद्र ग्रहण शुरू होने वाला है। भारत में चंद्र ग्रहण पूर्वोत्तर भागों में सबसे पहले और पूर्ण चंद्र ग्रहण दिखेगा फिर इसके बाद देश के बाकी हिस्सों में ग्रहण दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण होने पर आप इसे खुली आंखों से नहीं देख सकते है लेकिन चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखा जा सकता है। ग्रहण खत्म होने के बाद पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव करना चाहिए।
दिखेगा अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण
भारत से अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण 7 सितंबर, 2025 को नजर आएगा, हालांकि इससे पहले अक्टूबर 2023 में, भारत में एक छोटा आंशिक ग्रहण भी देखा जा सकता है।
भारत के अलावा इन जगहों पर भी दिखेगा ग्रहण
देश के पूर्वी हिस्सों से ग्रहण की पूर्णावस्था एवं आंशिक अवस्था दोनों दिखाई देगी। यह ग्रहण दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तर अटलांटिक महासागर तथा प्रशांत महासागर के क्षेत्रों में दिखाई देगा।
इन राशियों के लिए लाभकारी होगा चंद्रग्रहण
आज पड़ने वाला साल का अंतिम चंद्र ग्रहण मिथुन, कर्क, वृश्चिक और कुंभ राशि के लिएशुभ फल देना वाला साबित होगा। इन चार राशियों को नौकरी में तरक्की से लेकर आर्थिक लाभ तक प्राप्त होने की संभावना है। इसके अलावा मेष, वृष, कन्या और मकर के लिए यह ग्रहण नुकसानदेह साबित हो सकता है इसीलिए कोई भी कदम सोच समझकर उठाएं। वहीं सिंह, तुला, धनु और मीन इन शेष राशियों को ग्रहण के चलते मिलेजुले परिणाम मिल सकते हैं।
4 साल 10 महीने बाद ग्रहण लगा चंद्रमा आएगा नजर
आज भारत में जब चंद्रमा उदित होगा तो ग्रहण लगा हुआ ही चंद्रमा उदित होगा। इससे पहले ग्रहण लगा हुआ चंद्रमा 31 जनवरी 2018 को दिखा था। यानि 4 साल 10 महीने बाद भारत में ग्रहण लगा चंद्रमा उदित होगा। चंद्र ग्रहण पर क्यों बंद होते हैं मंदिर के पट?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण से कुछ विशेष नियम जुड़े हुए हैं। इन मान्यताओं के अनुसार चंद्र ग्रहण के समय पूजा-पाठ करना, भगवान की मूर्तियों को स्पर्श करना वर्जित माना जाता है। इसीलिए इस दौरान मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। वहीं घर में मौजूद पूजा स्थल पर परदे लगा दिए जाते हैं। पौराणिक मानीटर के अनुसार ग्रहण के दौर नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव बढ़ जाता है और दैवीय शक्तियां क्षीण होने लगती हैं। इसीलिए इस दौरान मानसिक जाप करना उचित होता है। जिससे आप मानसिक रूप से सशक्त रह सकें।
साल का आखिरी चंद्र ग्रहण अब से कुछ देर बाद शुरू होने वाला है। यह ग्रहण दोपहर 02 बजकर 39 मिनट से प्रारंभ हो जाएगा लेकिन देश में दिन होने के कारण चंद्र ग्रहण दिखाई नहीं देगा। भारतीय समय के अनुसार जैसे ही शाम को चंद्रोदय होगा ग्रहण दिखाई देने लगेगा। भारत में यह चंद्र ग्रहण शाम 05 बजकर 32 मिनट से शुरू होकर 06 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। भारत में सबसे पहले पूर्वोत्तर राज्यों में पूर्ण चंद्र ग्रहण देखने को मिलेगा।
जानिए सभी 12 राशियों पर ग्रहण का प्रभाव
अब से कुछ घंटों के बाद साल का आखिरी चंद्र ग्रहण शुरू हो जाएगा जो शाम 06 बजकर 19 मिनट तक चलेगा। यह ग्रहण भारत समेत कई देशों में दिखाई देगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब भी ग्रहण होता तो इसका शुभ-अशुभ प्रभाव जरूर देखने को मिलता है। सभी 12 राशियों पर इस ग्रहण का कैसा रहेगा प्रभाव इसका ज्योतिषीय विश्लेषण इस प्रकार है।
चंद्र ग्रहण का राशियों पर प्रभाव


चंद्र ग्रहण – 08 नवंबर 2022 राशियों पर प्रभाव।


मेष -चंद्रग्रहण अशुभ होगा, भय पैदा होगा
वृष -अचानक से बड़े संकटों और धन हानि का सामना करना पड़ सकता है।
मिथुन -शुभ फल प्रदान करने वाला रहेगा। कारोबार में विशेष लाभ होगा।
कर्क -शुभ फल प्रदान करने वाला और सुख-समृद्धि को बढ़ाने वाला होगा
सिंह -मान-सम्मान पर संकट आ सकता है
कन्या -कष्ट सहने पड़ सकते हैं
तुला -पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता वृश्चिक – सुख और सौभाग्य प्रदान करने वाला होगा
धनु – भविष्य में अनचाही समस्याओं से जूझना पड़ सकता
मकर – पीड़ा का कारक बनेगा
कुंभ -सौभाग्य को बढ़ाने वाला और धन लाभ होगा
मीन– क्षनुकसान हो सकता है।

पर्वत सिंह बादल उरई जालौन रिपोर्ट

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