सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मंगलवार को पार्टी मुख्यालय में अपने लोकसभा व राज्यसभा सांसदों के साथ मंथन किया। इस अवसर पर अखिलेश ने कहा कि लोकसभा के उनके 37 सांसद 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत दिलाएंगे। पीडीए का परचम पूरे देश में लहराएगा। साथ ही अपने सांसदों को विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) को गंभीरता से लेना का संदेश दिया।
अखिलेश ने कहा कि भाजपा ने संविधान के साथ धोखा किया है। वह एसआईआर में धांधली करना चाहती है। केंद्रीय और राज्य निर्वाचन आयोग की वोटर लिस्ट में भारी अंतर है, क्योंकि भाजपा सरकार बेईमानी के रास्ते पर है। यह सरकार लोगों के अधिकारों को कुचल रही है। भाजपा सरकार अहंकार से भरी हुई है। भाजपा ने शंकराचार्य का अपमान किया। काशी से महारानी अहिल्याबाई होल्कर का नामो-निशान और कार्यों को मिटाना चाहती है। सनातनियों को अपमानित कर रही है।
अखिलेश ने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनाने के लिए सभी सांसदों को अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों में दिन-रात एक कर मेहनत करनी है। सभी सांसदों और विधायकों को अपने-अपने क्षेत्रों में एसआईआर पर निगरानी रखने और पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा चुनाव में जिलास्तर पर घोषणा पत्र बनाया जाएगा।
माघ मेले में कमीशन का खेल
सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा राज में माघ मेले के नाम पर कमीशन हड़पने का नया खेल चल रहा है। इसीलिए उन साधु-संतों को भी सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जो मेले की शोभा होते हैं। मेला क्षेत्र के संजय का धृतराष्ट्र कौन है, जिसको आंखों देखा हाल सुनाया-दिखाया जा रहा था। भाजपा को कमिश्नर की जगह कमीशनर की नई पोस्ट बना देनी चाहिए।
अखिलेश से मिले फार्मेसी ग्रेजुएट
सपा अध्यक्ष से मिलकर उत्तर प्रदेश फार्मेसी ग्रेजुएट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अपना ज्ञापन सौंपा। फार्मासिस्ट भर्ती में बीफार्मा के बेरोजगार छात्रों को भी शामिल कराने का आग्रह किया। यह भी बताया कि प्रदेश में 2002 के बाद फार्मासिस्ट की कोई बड़ी भर्ती नहीं हुई है।
