
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
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यूपी की राजधानी लखनऊ अफसर की बेटी से चलती कार में सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस की पूरी कोशिश है कि 72 घंटे के अंदर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो जाए। केस की सुनवाई एफटीसी में हो, इसके लिए जिला जज को पत्र भेजा जाएगा। एफटीसी में सुनवाई होने से दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दिलाई जा सकेगी।
डीसीपी पश्चिम राहुल राज ने बताया कि आरोपी सत्यम, सुहैल और असलम ने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता के मोबाइल फोन की बैटरी डिस्चार्ज हो गई थी। उसने चाय की दुकान पर काम करने वाले सत्यम को यह समस्या बताई तो उसने सामने खड़ी एंबुलेंस में मोबाइल चार्जिंग पर लगवा दिया। मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाने के बाद आरोपियों ने साजिशन एंबुलेंस को वहां से हटवा दिया था।
पीड़िता सत्यम को जानती थी, इसी का फायदा उसने उठाया। मोबाइल दिलाने के बहाने से सत्यम युवती को ई रिक्शा से आईटी चौराहे तक ले गया। इसके बाद आईटी चौराहे पर सुहैल और असलम कार लेकर पहुंचे। सत्यम ने ही युवती को कार में बैठाने की बात कही। वहां उसे मोबाइल दे दिया गया। इससे युवती को उन पर भरोसा हो गया। फिर आरोपियों ने उसे छोड़ने के बहाने कार में बैठा लिया।
आरोपी आईटी चौराहे से सीधे निशातगंज पहुंचे जहां इन लोगों ने शराब, बीयर और गांजा खरीदा। फिर रास्ते में ही युवती को जबरदस्ती शराब, बीयर और गांजा पिला दिया। विरोध करने पर आरोपियों ने उसके साथ मारपीट भी की थी।
