अलीगढ़ के बहुचर्चित बाइक शोरूम संचालक अभिषेक गुप्ता हत्याकांड में अखिल भारत हिंदू महासभा की सचिव व पूर्व महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय की जमानत अर्जी खारिज कर दी गई है। जिला जज पंकज कुमार अग्रवाल की कोर्ट ने इसे गंभीर प्रकृति का अपराध मानते हुए जमानत अर्जी को खारिज किया है। इस मामले में पूजा के पति व दो शूटरों की जमानत पूर्व में खारिज की जा चुकी हैं। अभिषेक गुप्ता मूल रूप से हाथरस के सिकंदराराऊ तहसील के कचौरा का निवासी था।
खेरेश्वर चौराहे पर 26 सितंबर को हुए इस हत्याकांड में पूर्व महामंडलेश्वर पूजा शकुन पांडेय, अखिल भारत हिंदू महासभा प्रवक्ता पूजा शकुन के पति अशोक पांडेय साजिश के आरोपी हैं, जबकि दो शूटरों को पुलिस ने जेल भेजा था। पूर्व में दोनों शूटरों व अशोक पांडेय की जमानत अर्जी सत्र न्यायालय से खारिज कर दी गई है। अब पूजा शकुन पांडेय की ओर से जमानत अर्जी दायर की गई थी। जिस पर न्यायालय में सुनवाई हुई और उसे खारिज कर दिया गया है।
हालांकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता की ओर से यह तर्क रखा गया कि उन्हें बिना किसी आधार के फंसाया गया है। साथ में खुद के द्वारा अभिषेक के परिवार को दिए गए कर्ज को हजम करने के इरादे से हत्या में फंसाने का तथ्य रखा गया, मगर अभियोजन व वादी पक्ष के अधिवक्ता के तर्क के आधार पर जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। बता दें कि इस हत्याकांड में नाम आने के बाद पूजा शकुन की महामंडलेश्वर की पदवी छीन ली गई थी। पुलिस ने उसे फरारी में जयपुर से अलीगढ़ के बीच बस से यात्रा करते समय दबोचा था।
