Aligarh missing youth Clothes, mobile, bones found

कृपाल उर्फ काके
– फोटो : पुलिस

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हरदुआगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सपेरा भानपुर गांव से 29 जुलाई से लापता 22 वर्षीय कृपाल उर्फ काके की पैंट, चप्पल और मोबाइल बृहस्पतिवार शाम गांव के एक सरसों व शलजम के खेत में मिले। वहीं कुछ हड्डियां भी मिलीं जिसे देखने के बाद सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, हड्डियां किसी इन्सान की नहीं। फिर भी पुष्टि के लिए फॉरेंसिक टीम से जांच कराई गई है। डीएनए सैंपल जांच के लिए भेजा गया है।


तालानगरी क्षेत्र के सपेरा भानपुर गांव निवासी अनुसूचित जाति के उमेश कुमार ने 30 जुलाई 2026 को अपने छोटे बेटे कृपाल उर्फ काके के गुमशुदगी के बारे में तहरीर दी। बताया था कि काके 29 जुलाई को अपनी मां से 20 रुपये लेकर घर से निकला लेकिन वापस नहीं लौटा। उसकी हर जगह तलाश की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। एक अगस्त को पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर काके के मोबाइल नंबर से जांच शुरू की। जांच में पता चला कि काके ने अंतिम कॉल अपनी होने वाली मंगेतर को किया था। इसके बाद से उसका मोबाइल स्विच ऑफ हो गया।

घटना के करीब तीन महीने बाद बृहस्पतिवार शाम गांव के किसान कलियान और टीटू ने सपेरा भानपुर से बरहेती जाने वाले रास्ते से 100 मीटर अंदर सुनील के शलजम और सरसों के खेत में काके की पैंट, चप्पल, मोबाइल, पास में पड़ी कुछ हड्डियां देखीं। उन्होंने इसकी जानकारी काके के पिता उमेश को दी। उमेश ने सभी चीजें पहचान लीं और पुलिस को सूचित किया। एसएचओ जोगेंद्र सिंह ने बताया कि हड्डियों को रात में ही पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। अभी स्पष्ट नहीं है कि हड्डियां इन्सान की हैं या जानवर की। हड्डियों से सैंपल लेकर डीएनए जांच के लिए भेजा गया है।


लापता युवक के परिजनों ने पैंट, चप्पल और मोबाइल की शिनाख्त की है। भी चीजें उनके लापता छोटे बेटे की हैं। हड्डियों की डीएनए सैंपलिंग कराई गई है। जल्द ही परिवार से भी डीएनए सैंपल लिया जाएगा। घटनाक्रम अभी संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। बरामद मोबाइल से सिम भी गायब है। पूरे मामले की गहनता से जांच पड़ताल की जा रही है। -अनिवेश कुमार, सीओ अतरौली




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