
अवैध केमिकल गोदामों पर छापा
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आगरा शहर के प्रमुख व्यावसायिक केंद्र संजय प्लेस के जूता मार्केट में अवैध केमिकल का भंडारण था। बुधवार को पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम ने अशोका ट्रेडर्स और श्राफ सेल्स कॉरपोरेशन पर छापा मारकर 15 हजार लीटर से अधिक उच्च ज्वलनशील केमिकल बरामद किया। इसका उपयोग जूता बनाने में होता था। गोदामों को सील कर संचालकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एक का मैनेजर भी गिरफ्तार किया गया।
नाई की मंडी स्थित सदर भट्ठी में शनिवार को केमिकल गोदाम में आग लगी थी। इसमें कई वाहन जल गए थे। 6 घरों को खाली कराया गया था। दमकल कर्मी भी आग बुझाने में झुलस गए थे। एसीपी हरीपर्वत मयंक तिवारी ने बताया कि जूता मार्केट के ब्लाक नंबर 11 की दुकान संख्या 4 में भूतल और बेसमेंट में सूर्य नगर निवासी अशोक डंग का अशोका ट्रेडर्स के नाम से गोदाम है। इसमें 8460 लीटर केमिकल से भरी 1, 5, 25, 30 लीटर की केन-ड्रम बरामद हुईं। वह कोई लाइसेंस नहीं दिखा सके।
अनिल मगन का श्राफ सेल्स कॉरपोरेशन के नाम से ब्लाक नंबर 12 की 6 दुकान में कार्यालय और गोदाम बना था। तीसरी मंजिल पर गोदाम में 7109 लीटर केमिकल मिला। इनमें 1, 5, 20 व 25 लीटर के केन-ड्रम मिले। दोनों ही गोदामों को सील किया गया। मैनेजर आशीष कुलश्रेष्ठ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की ओर से दोनों संचालकों के खिलाफ विस्फोटक अधिनियम सहित अन्य धारा में केस दर्ज किया गया है।
शहर में एक भी गोदाम की नहीं फायर एनओसी
शहर के घने आवासीय क्षेत्र से लेकर बाजारों में अवैध तरीके से केमिकल गोदाम हैं। इनमें बोदला, जगदीशपुरा, शाहगंज, नरीपुरा, सदर भट्ठी, सिकंदरा आदि इलाके हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि आवासीय क्षेत्र में केमिकल के गोदाम नहीं चल सकते। खाली स्थान पर गोदाम बनाया जा सकता है। केमिकल रखने के लिए नियमों का पालन करना पड़ता है। शहर में ऐसे किसी गोदाम के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। जो भी गोदाम हैं, वह अवैध हैं। किसी गोदाम और परिसर में ज्वलनशील केमिकल पकड़े जाने पर केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।
आग लगने पर होता बड़ा हादसा
एफएसओ संजय प्लेस सोमदत्त सोनकर ने बताया कि गोदामों में जो केमिकल (सॉल्वेंट) मिला, उसका प्रयोग जूता कारखाना में जूता निर्माण में होता है। यह उच्च ज्वलनशील होता है। अगर, आग लग जाए तो पानी से भी नहीं बुझाया जा सकता है। इसके लिए फोम का इस्तेमाल करना पड़ता है। सदर भट्ठी अग्निकांड में भी ऐसा हुआ था। इसलिए इस तरह के केमिकल के गोदाम आबादी से बाहर बनाए जाते हैं। संजय प्लेस में गोदाम बनाना पूरी तरह अवैध है।
