
Agra: जूता मंडी
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
उत्तर प्रदेश के आगरा में बनने वाले चमड़े के जूते को जीआई टैग मिलने से दुनिया में आगरा की धमक बढ़ेगी। जूता उद्योग को नई चमक मिलेगी। कारोबारी, उद्यमी और संगठनों में खुशी की लहर है। कारोबार में नई उम्मीद जागी हैं। आगरा में बड़े पैमाने पर चमड़े के जूता का निर्माण होता है।
आगरा में जूता बनाने की कला मुगलकाल से शुरू हुई। 500 साल में चमड़ा शोधन से लेकर निर्माण में आगरा के जूते ने नए आयाम स्थापित किए। वर्तमान में करीब 25 हजार करोड़ रुपये का कारोबार है। जिसमें 4 से 5 हजार करोड़ रुपये सालाना निर्यात होता है। यूरोप सहित दुनियाभर के देशों में आगरा के जूते की खास पहचान है। पांच लाख से अधिक लोग जूता निर्माण से जुड़े हुए हैं। जीआई टैग मिलने से अब आगरा के जूते को दुनियाभर में अलग स्थान मिलेगा।
यह भी पढ़ेंः- श्रीकृष्ण जन्मस्थान के पास चला बुलडोजर: ‘जगह को खाली कर दें, यहां बने घर ढहाए जाएंगे’, सुनकर सन्न रह गए लोग