विदेशी अधिनियम में सजा पूरी कर चुके 27 लोगों समेत 38 बांग्लादेशी नागरिकों को बांग्लादेश भेजे जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। जिला जेल से शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सभी को पश्चिम बंगाल के लिए रवाना किया गया। वहां इन्हें बीएसएफ और आईबी के सुपुर्द किया जाएगा। 13 जनवरी को सभी को सीमा पार बांग्लादेश भेजा जाएगा।
डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि फरवरी 2023 में सिकंदरा की आवास विकास काॅलोनी के सेक्टर-14 में अवैध रूप से भारत आए बांग्लादेशियों के खाली प्लाॅट में झोपड़ी बनाकर रहने की जानकारी मिली थी। पुलिस ने छापा मारकर 15 पुरुष और 12 महिलाओं को गिरफ्तार किया था। इनके साथ आठ नाबालिग और तीन बच्चे भी थे। इनमें से कई के पास भारतीय होने के फर्जी वोटर कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुए थे। सिकंदरा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। किशोर न्याय बोर्ड ने नाबालिगाें को तीन साल के लिए बाल सुधार गृह भेज दिया था।
न्यायालय ने विदेशी अधिनियम के तहत सुनवाई के बाद 27 लोगों (महिला-पुरुषों) को तीन वर्ष की सजा सुनाई थी। तीन बच्चे अपनी मां के साथ ही जेल में थे। सजा पूरी होने के बाद न्यायालय के आदेश के तहत सभी को रिहा किया जाना था, लेकिन रिहाई के बाद भी वह भारत में नहीं रह सकते थे। इसके कारण सभी को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
डीसीपी के अनुसार न्यायालय की अनुमति के बाद शनिवार को एसीपी एलआईयू दिनेश सिंह की टीम और पुलिसकर्मियों की कड़ी सुरक्षा में सभी 38 बांग्लादेशियों को बस से पश्चिमी बंगाल के लिए रवाना किया गया। पुलिस की एक गाड़ी बस के साथ भेजी गई। बस में भी पर्याप्त पुलिस बल लगाया गया है। 13 जनवरी को सभी को बीएसएफ की सुपुर्दगी में दिया जाएगा। बीएसएफ बांग्लादेशियों को उनके देश भेजेगी।
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