“हम और आप” यह सिर्फ एक स्लोगन नहीं, बल्कि अलीगढ़ और अमर उजाला के बीच पिछले 19 वर्षों में बना वह भावनात्मक रिश्ता है, जो समय के साथ और गहराता गया। जब अलीगढ़ संस्करण की शुरुआत हुई थी, तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह अखबार शहर की धड़कन बन जाएगा। आज अमर उजाला न केवल ताजा तरीन खबरें देता है, बल्कि लोगों की आवाज प्रशासन तक पहुंचाता है और समस्याओं का समाधान कराता है। यह अखबार समाधान का सशक्त माध्यम भी बन चुका है।
जनता की आवाज बना अखबार
अमर उजाला अलीगढ़ की सबसे बड़ी ताकत उसकी जमीनी पत्रकारिता रही है। सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, बेरोजगारी, सफाई, अपराध, किसानों और व्यापारियों की समस्याओं और मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर अखबार ने प्रशासन को जवाबदेह बनाया। कई बार अमर उजाला में छपी खबरों के बाद ही सड़कों की मरम्मत हुई, नालों की सफाई हुई। स्कूलों और अस्पतालों की हालत सुधरी और जरूरतमंदों को न्याय मिला। अमर उजाला अलीगढ़ ने समय-समय पर सामाजिक अभियानों के जरिये भी अपनी भूमिका निभाई है। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, यातायात जागरूकता, नशामुक्ति, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण जैसे विषयों पर अभियान चलाकर अखबार ने सिर्फ खबर नहीं दी, बल्कि बदलाव की पहल भी की।
डिजिटल युग में भी भरोसा कायम
समय बदला, तकनीक बदली, लेकिन अमर उजाला अलीगढ़ का मूल चरित्र नहीं बदला। भरोसा आज भी वही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म, मोबाइल एप और सोशल मीडिया के जरिये अखबार ने नई पीढ़ी तक अपनी पहुंच बनाई। आज खबरें सिर्फ सुबह के अखबार तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि पल-पल अपडेट होकर पाठकों तक पहुंचती हैं। फिर भी विश्वसनीयता और तथ्यात्मकता वही रही, जिसने 19 साल पहले पहचान बनाई थी।
