
मृतक बहनों के फाइल फोटो और सुसाइड नोट
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आगरा के खेरागढ़ के ब्रह्माकुमारी आश्रम में सगी बहनों एकता और शिखा की आत्महत्या के मामले में पुलिस मुख्य आरोपी नीरज को गिरफ्तार करने में नाकाम रही। माउंट आबू, भरतपुर, ग्वालियर और अहमदाबाद में दबिश का भी कोई फायदा नहीं हुआ। पुलिस की चार टीमें एक सप्ताह बाद भी खाली हाथ ही हैं, उधर, पुलिस की लापरवाही से परिजन में आक्रोश है।
10 नवंबर की रात को जगनेर के ब्रह्माकुमारी आश्रम में एकता और शिखा के शव फंदे पर लटके मिले थे। दोनों के सुसाइड नोट मिले थे। इसमें उन्होंने नीरज, उसके पिता ताराचंद, गुड्डन और ग्वालियर की पूनम पर आरोप लगाया था। 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की बात कही थी। खुदकुशी के लिए मुख्य रूप से नीरज को जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस ने ताराचंद, गुड्डन और महिला को जेल भेजा था। मगर, नीरज को अब तक पुलिस पकड़ नहीं सकी है।
एसीपी खेरागढ़ महेश कुमार ने बताया कि नीरज के रिश्तेदार, परिचित और दोस्तों को थाने लाकर पूछताछ की गई थी, लेकिन कोई भी नीरज के बारे में जानकारी नहीं दे सका है। उसका मोबाइल भी बंद है। इस समय कहां रह रहा है, कोई बता नहीं पा रहा है। पुलिस सर्विलांस की मदद से जानकारी जुटा रही है। चार टीमें राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात में दबिश दे रही हैं।
