राजस्थान के भीलवाड़ा से स्वामी अखंडानंद शुक्रवार को हरीश राणा से मिलने राज एंपायर सोसायटी पहुंचे। उन्होंने जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं से उनकी बीमारी ठीक करने का दावा किया। हालांकि, परिवार ने हरीश की हालत और चिकित्सकों की सलाह का हवाला देते हुए उपचार से इन्कार कर दिया। इसके बाद बाबा लौट गए।
बाबा करीब छह घंटे तक सोसायटी के गेट पर परिवार से मिलने के लिए इंतजार करते रहे। कोई मिलने नहीं आया तो उन्होंने एक पत्र भिजवाया। इसके बाद हरीश के पिता अशोक राणा उनसे मिलने पहुंचे।
Trending Videos
2 of 10
बेटे हरीश के साथ माता-पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अशोक राणा ने बताया कि उन्होंने बाबा को पानी और जूस पिलाया। बातचीत के दौरान उनको बताया कि हरीश का हर तरह का इलाज कराया जा चुका है। डॉक्टरों ने बताया है कि उसके मस्तिष्क की नसें सूख चुकी हैं और खून की आपूर्ति भी नहीं हो रही है। इससे मस्तिष्क सबसे अधिक प्रभावित है।
3 of 10
हरीश राणा की फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अशोक राणा के अनुसार, बाबा ने कई जड़ी-बूटियों और आयुर्वेदिक दवाओं के नाम भी बताए। उन्होंने बाबा का मोबाइल नंबर ले लिया है। अशोक राणा ने कहा कि इस तरह की बीमारी से पीड़ित कई बच्चों के माता-पिता उनके संपर्क में हैं। वे उन्हें बाबा के बारे में जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि पता नहीं किसकी दवा या दुआ कब असर कर जाए।
4 of 10
हरीश राणा के पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
भीलवाड़ा में आश्रम चलाते हैं स्वामी अखंडानंद
स्वामी अखंडानंद ने बताया कि उन्होंने खबरों में हरीश के बारे में सुना तो सेवा भाव से आयुर्वेदिक दवाएं लेकर यहां पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि अगर कोमा या लकवाग्रस्त मरीज को समय रहते उनके पास लाया जाए तो आयुर्वेदिक उपचार से उसे ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक बच्चे के माता-पिता ने करीब 40 लाख रुपये खर्च कर इलाज कराया और लाभ नहीं मिला, जबकि उन्होंने चार दिन में ही बच्चे को कोमा से बाहर निकाल दिया। स्वामी अखंडानंद ने बताया कि उनका भीलवाड़ा में आश्रम है। उन्होंने आयुर्वेद में एमडी की पढ़ाई की है।
5 of 10
हरीश के पिता
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एम्स पहुंचे हरीश…निजी वाहनों से निकला परिवार, सीएमओ को भी नहीं हुई जानकारी
हरीश राणा को शनिवार सुबह गाजियाबाद से दिल्ली स्थित एम्स ले जाया गया। परिवार सुबह करीब आठ बजे उन्हें लेकर राजनगर एक्सटेंशन स्थित राज एंपायर सोसायटी से तीन निजी वाहनों में रवाना हुआ। इस दौरान उनके साथ करीबी रिश्तेदार और बेटों के कुछ दोस्त ही मौजूद रहे। पूरे घटनाक्रम को बेहद गोपनीय रखा गया। प्रशासन को भी सूचना नहीं दी गई।