सहालग के सीजन में कॉमर्शियल सिलिंडर की आपूर्ति पर लगी रोक ने कैटरिंग कारोबारियों समेत शादी वाले घरों के लोगों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। बुधवार को अकेले लखनऊ में ही करीब 1200 शादियां हैं। सिलिंडर न मिलने से इन शादियों के सुस्वादु प्रीतिभोज पर ग्राहण लग गया है। कैटरिंग कारोबारी बताते हैं कि गैस एजेंसियां सिर्फ बड़े होटलों का स्टॉक मेंटेन करने में लगी हैं। छोटे कारोबारी सड़क पर आ गए हैं। उधर, व्यापारियों के दबाव में एजेंसियां शादी वाले घरों में इक्का-दुक्का सिलिंडर देने पर राजी हुए हैं।
कैटरिंग कारोबार से जुड़े संतोष गुप्ता, संजीव सिंह, मोहित कुमार, अभय प्रताप ने बताया कि सिलिंडर न मिल पाने से बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। टेढ़ी पुलिया के संतोष गुप्ता ने बताया कि 16 मार्च तक लगातार शादियों और रिसेप्शन की बुकिंग है। बताया कि किसी तरह मांग मांगकर मंगलवार की बुकिंग के लिए सिलिंडर जुटाए लेकिन बुधवार की बुकिंग के लिए कोई तरकीब काम नहीं आ रही है। गोमतीनगर के संजीव सिंह बताते हैं कि बुकिंग सिर पर है समझ नहीं आ रहा कि कैसे निपटाएं। क्योंकि, शादी वाले घरों ने तो बुकिंग करा ली थी। इसके बाद उनसे कोई मतलब नहीं रहता है। ऐसे में वह हम पर दबाव बना रहे हैं एजेंसियों ने हाथ खड़े कर दिए हैं। बुकिंग वालों ने अपने फोन स्विच ऑफ कर लिए हैं।
उधर, कुछ कैटरिंग कारोबारियों ने बताया कि शादी वाले परिवारों की खुशी में खलल न पड़े इसके लिए एजेंसियों ने थोड़ी सी राहत दी है। चार सिलिंडर की जरूरत है तो एक-दो सिलिंडर देने की बात कही जा रही है, लेकिन इससे भी काम पूरा नहीं पड़ रहा है।
