अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षक राव दानिश हत्याकांड में शामिल हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों जुबैर, यासिर व फहद पर पुलिस ने 50-50 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। पहले थाना पुलिस की रिपोर्ट पर एसएसपी स्तर से 25-25 हजार का घोषित किया गया, जिसे डीआईजी ने बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दिया है। तीनों की अलीगढ़ व दिल्ली के न्यायालयों में सरेंडर करने पर भी नजर रखी जा रही है। इसके लिए एक टीम दिल्ली रवाना की गई है।

अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या की गई थी। इस हत्या के खुलासे में दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहे मूल रूप से बरला नौशा के हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों यासिर, फहद व जुबैर की भूमिका सामने आई। जांच में उजागर हुआ कि 2018 में शाहबेज नाम के युवक की हत्या के बाद जुबैर को दानिश पर मुखबिरी का शक था। सात वर्ष जेल रहने के बाद पिाछले वर्ष जुलाई में ही जुबैर जेल से बाहर आया है। इसी खुन्नस में उसने साजिश रचकर अपने भाइयों यासिर व फहद से ये हत्या कराई।

अंदेशा यह भी है कि कहीं तीनों अलीगढ़ या दिल्ली में किसी पुराने मामले में सरेंडर न कर जाएं। इसी क्रम में अदालत पर भी नजर रखी जा रही है। अब अगर जल्द न पकड़े गए तो जल्द ही डीआईजी स्तर से इन पर इनाम बढ़वाने की कवायद भी होगी। एसएसपी नीरज जादौन के अनुसार तीनों पर इनाम घोषित कर दिया गया है। बाकी हमारी टीमों के प्रयास जारी हैं। इसके अलावा टीमों को उनके हर संभावित ठिकानों पर तलाशने के लिए लगाया गया है।

जुबैर पर दूसरी बार हुआ इनाम घोषित

इन तीनों भाइयों में जुबैर पर जिला पुलिस के रिकार्ड व दिल्ली पुलिस में सर्वाधिक मामले दर्ज हैं। अकेले अलीगढ़ में 22 मामले हैं। इसके अलावा दिल्ली में भी मामले दर्ज हैं। वहीं यासिर फहद पर आठ व सात मामले हैं। यह दूसरा अवसर है जब जुबैर पर इनाम घोषित हुआ है। इससे पहले उस पर शाहबेज हत्याकांड में 20 हजार का इनाम घोषित हुआ था। तब वह दिल्ली में एक लूट के मामले में पकड़ा गया था। बता दें कि जुबैर पश्चिमी यूपी के कुख्यात अपराधी मुनीर का राइड हैंड रहा है। उसके मारे जाने के बाद से उसके गिरोह की कमान भी संभालता है।



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