जेल से रिहा होने के बाद जुबैर अक्तूबर 2025 को एएमयू आया था और जिस जगह दानिश की हत्या हुई, वहां उसने अपने 10-12 साथियों के साथ खड़े होकर अपनी इंस्टा आईडी पर फोटो डाला था। साथ ही ऐलान करते हुए लिखा था कि अब बाहर आ गए हैं, विरोधियों को देख लेंगे, जो भी उनके साथ खड़ा है, उसे भी देख लेंगे। इसी पोस्ट से पुलिस का माथा ठनका और जांच की दिशा उसकी ओर केंद्रित की।
एएमयू शिक्षक की हत्या के बाद जांच में जुटी पुलिस ने जब दानिश से जुड़े विवादों पर काम किया तो एक विवाद जुबैर से जुड़ा भी सामने आया। इसके बाद उसके बारे में जानकारी की गई। वह पूर्व में दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद था। पता चला कि जून 2025 में उसे वहां से जमानत मिल गई। इसके बाद उसे अलीगढ़ जेल भेजा गया। जुलाई माह में यहां से भी वह जमानत पर रिहा हो गया। इस दौरान सात वर्ष तक जेल में रहने के चलते जुबैर के बारे में कोई बहुत अच्छे सुराग या नंबर पुलिस के पास नहीं थे। इसी बीच मुखबिरों से उसके सोशल एकाउंटों जुबैरके 728 और देवराज गैंग अलीगढ़ की जानकारी मिली। इसी क्रम में उसके एक इंस्टा एकाउंट से 10 अक्तूबर की आखिरी पोस्ट मिली।

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इंस्टाग्राम पर जुबैर ने किया था एलान
– फोटो : पुलिस
जुबैर पर सिपाही व सगे भाई की हत्या सहित कई अपराध
चार भाइयों में तीन जुबैर, यासिर व फहद बरला थाने से हिस्ट्रीशीटर हैं। जुबैर ने मुनीर संग रेलवे स्टेशन के सहारे पान दरीबा में रेलवे मजिस्ट्रेट के गनर की हत्या कर उसकी सरकारी पिस्टल लूटी थी। पिस्टल को जुबैर के अपराधी भाई सद्दाम ने अपने पास रख लिया। जिसके बाद मुनीर व जुबैर ने उसकी हत्या कर दी थी। इसमें खुर्रम नाम का युवक जेल गया था। बाद में मुनीर के पकड़े जाने पर सद्दाम की हत्या का सच उजागर हुआ था। इसके अलावा अलीगढ़ में 12 लूट की घटनाएं जुबैर पर खुली थीं। उस पर यूपी में कुल 22 अपराधों के अलावा दिल्ली में मुनीर संग हत्या के अलावा अन्य अपराध दर्ज हैं। उसके दूसरे भाई फहद पर हमला, लूट, रंगदारी के 12 व यासिर पर 7 अपराध दर्ज हैं। उनके दिल्ली के अपराधों का विवरण पुलिस जुटा रही है।

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एएमयू सुलेमान हॉल के सामने समय 20.58 बजे
– फोटो : पुलिस
जुबैर पर दो बार चली गोली, एक छात्रा की गई जान
मुनीर के जेल जाने के बाद अलीगढ़ में जुबैर पर आपसी गुटबाजी में दो बार गोली चली। पहली घटना आठ मई 2017 को अमीर निशा के बाहर हुई। उससे अलग हुए जहूर ने गोली चलाई। उस समय एएमयू की नाबालिग छात्रा अनम के स्कूल से घर जाते समय गोली लग गई। बाद में उसकी जान चली गई। दूसरी घटना 2018 में गूलर रोड पर हुई, उसमें भी जुबैर बच गया था।

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थाना सिविल लाईन स्थित दोदपुर गोस्त वाली गली में सिफत अपार्टमेंट में अभियुक्त सलमान व अन्य समय 18.44
– फोटो : पुलिस
दोस्ती में पत्नी को मायके छोड़ सलमान ने घर में ठहराया
जुबैर की सलमान से गहरी दोस्ती है। इसी दोस्ती में उसने जुबैर के कहने पर सलमान ने उसके दोनों भाई अपने घर रुकवाए। हत्या से पहले सलमान की ससुराल में कोई शादी थी। जहां वह अपनी पत्नी को लेकर गया था। वापस आते समय पत्नी को वहीं छोड़ आया।

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एएमयू लाइब्रेरी समय 20.50 बजे
– फोटो : पुलिस
सलमान भी जा चुका है जेल, भाई की भी हुई थी हत्या
अलीगढ़ पुलिस को अभी तक सलमान व दानिश के बीच किसी विवाद की खबर तो नहीं मिली। मगर हां, ये जरूर उजागर हुआ है कि सलमान डेढ़ दशक पहले कभी हमले के आरोप में जेल गया था। इसके बाद 2019 में सलमान के भाई मामून को एएमयू परिसर में गोली मारी गई थी। जिसमें दो अन्य आरोपी जेल गए थे। कुछ माह बाद मामून की गोली के घाव से ही मृत्यु घोषित की गई थी। इस दिशा में भी पुलिस अब सुराग तलाश रही है कि कहीं उस हत्या से दानिश का कोई जुड़ाव तो नहीं था। हालांकि सलमान व दानिश के भाई फराज का एक विवाद जरूर पूर्व में हुआ था, लेकिन ऐसा नहीं था कि उसमें हत्या हो जाए। दोनों परिवारों के बीच संबंध ठीक थे। दानिश की मां एएमयू में शिक्षिका रही हैं। पिता एएमयूकर्मी रहे हैं, जबकि ससुर मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा से विधायक रहे हैं। खुद भाई फरार भी एएमयू इंजीनियरिंग में शिक्षक है।
