Muzaffarnagar winter relief अभियान के तहत जिला प्रशासन ने मानवता और संवेदनशीलता की एक मजबूत मिसाल पेश की है। जब कड़ाके की ठंड और शीतलहर आम जनजीवन के लिए जानलेवा साबित हो रही है, ऐसे समय में प्रशासन बेसहारा, निराश्रित और जरूरतमंद लोगों के लिए ढाल बनकर सामने आया है। सर्द रात में मुजफ्फरनगर के विभिन्न क्षेत्रों में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेंद्र कुमार ने अन्य अधिकारियों के साथ नगर भ्रमण कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।


🔴 शीतलहर में रैन बसेरों का स्थलीय निरीक्षण

शीतलहर के दौरान खुले में रह रहे निराश्रित एवं असहाय लोगों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एडीएम वित्त द्वारा नगर में संचालित रैन बसेरों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान प्रशासन की टीम ने जिला अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरे और रेलवे स्टेशन क्षेत्र में संचालित रैन बसेरों का गहन अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान वहां उपलब्ध बिस्तरों की संख्या, कंबलों की स्थिति, साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की वास्तविक स्थिति को बारीकी से परखा गया।


🔴 जरूरतमंदों को कंबल वितरण, मानवीय संवेदनाओं का परिचय

Muzaffarnagar winter relief के तहत निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त ने स्वयं जरूरतमंदों से संवाद किया और उन्हें गर्म कंबल वितरित किए। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर ठंड से ठिठुर रहे लोगों को सम्मानपूर्वक रैन बसेरों तक पहुंचाया गया, ताकि कोई भी व्यक्ति मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रात बिताने को विवश न हो।

प्रशासन की इस पहल से जरूरतमंदों के चेहरे पर राहत और भरोसे की झलक देखने को मिली।


🔴 लापरवाही पर सख्त निर्देश, सुविधाओं से समझौता नहीं

निरीक्षण के दौरान एडीएम वित्त ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रैन बसेरों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति को सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक आश्रय सुनिश्चित कराया जाए।

उन्होंने कहा कि ठंड के मौसम में प्रशासन की प्राथमिकता केवल और केवल मानव जीवन की सुरक्षा है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।


🔴 रोडवेज बस स्टैंड और सार्वजनिक स्थलों पर विशेष ध्यान

इसके उपरांत प्रशासनिक टीम ने रोडवेज बस स्टैंड का निरीक्षण किया, जहां खुले में सो रहे व्यक्तियों को तहसील सदर की टीम के सहयोग से रैन बसेरों में भिजवाया गया। निरीक्षण के दौरान अलाव ताप रहे लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली गई।

लोगों को न केवल रैन बसेरों की जानकारी दी गई, बल्कि उन्हें रात सुरक्षित स्थानों पर गुजारने के लिए प्रेरित भी किया गया।


🔴 रात्रिकालीन गश्त और निगरानी बढ़ाने पर जोर

Muzaffarnagar winter relief अभियान के तहत अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शीतलहर से किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसके लिए रात्रिकालीन गश्त और निगरानी को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि समय रहते जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाई जा सके।


🔴 प्रशासन की मौजूदगी से बढ़ा भरोसा

इस नगर भ्रमण और निरीक्षण के दौरान तहसीलदार सदर राधेश्याम गौड़, नायब तहसीलदार अर्जुन सिंह एवं हरेंद्र पाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशीलता से शहर में यह संदेश गया कि ठंड की इस भयावह रात में कोई भी अकेला नहीं है।


मुजफ्फरनगर में शीतलहर के बीच प्रशासन का यह मानवीय अभियान केवल निरीक्षण नहीं, बल्कि संवेदनशील शासन का जीवंत उदाहरण है। रैन बसेरों की व्यवस्था, कंबल वितरण और सड़कों पर सो रहे लोगों को सुरक्षित आश्रय—यह पहल दिखाती है कि संकट की घड़ी में प्रशासन आमजन के साथ मजबूती से खड़ा है।



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