मेरठ के सरधना के कपसाड़ गांव से अपहृत युवती का दूसरे दिन शुक्रवार को भी सुराग नहीं लग सका। वहीं नामजद आरोपियों को भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। दिनभर युवती की मां सुनीता का शव लेकर परिवार घर में ही बैठा रहा। सपा, बसपा, भीम आर्मी, असपा नेता-कार्यकर्ता और स्थानीय लोग हंगामा करते रहे। पुलिस ने गांव और आसपास का इलाका भी छावनी में तब्दील कर दिया।

करीब 19 घंटे की जद्दोजहद के बाद पूर्व विधायक संगीत सोम, एसपी देहात अभिजीत कुमार, एडीएम सिटी की मौजूदगी में पुलिस ने लिखित वादा किया कि 48 घंटे के भीतर रुबी को तलाश कर लिया जाएगा। परिवार के एक सदस्य को स्थानीय चीनी मिल में स्थायी रोजगार दिया जाएगा। 

 




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Meerut Murder and kidnapping in Kapsad village turns into a fortress barricades erected 2.5 km away

गांव कपसाड़ में परिजनों से वार्ता करने पहुंचे पूर्व केन्द्रीय राज्यमंत्री डॉ. संजीव बालियान
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


10 लाख रुपये का चेक दिया गया। परिवार के एक सदस्य को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का भरोसा दिया। सुरक्षा के लिए गांव में पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। इसके बाद रात करीब पौने 8:00 बजे सुनीता का अंतिम संस्कार हो सका। बेटे नरसी ने मुखाग्नि दी।

 


Meerut Murder and kidnapping in Kapsad village turns into a fortress barricades erected 2.5 km away

कपसाड़ में सुनीता को अंतिम संस्कार को ले जाने के बाद विलाप करती महिलाओं को समझाती पुलिसकर्मी
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


इससे पहले बृहस्पतिवार रात 12 बजे जब सुनीता का शव गांव पहुंचा तो परिजनों ने दो टूक कह दिया था कि जब तक बेटी मिल नहीं जाएगी वे सुनीता का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। वहीं सपा विधायक अतुल प्रधान को गांव के बाहर रोकने को लेकर हंगामा हुआ। पीड़ित परिवार ने विधायक को गांव के अंदर प्रवेश कराया। 

 


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गांव कपसाड़ में महिला की हत्या के बाद विलाप करते परिजन
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


छावनी बना गांव, सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने

सरधना के कपसाड़ गांव में अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या के बाद उनकी बेटी रूबी के अपहरण ने सूबे की सियासत को गरम कर दिया है। शुक्रवार को एक तरफ अपहृत बेटी के लिए बिलखता परिवार था तो दूसरी तरफ गांव में सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप की झड़ी लगी रही।

 


Meerut Murder and kidnapping in Kapsad village turns into a fortress barricades erected 2.5 km away

महिला की हत्या और युवती के अपहरण की घटना के बाद परिजनों को कार्रवाई का भरोसा दिलाते डॉ संजीव बालियान
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी


20 इंस्पेक्टर, 150 दरोगा समेत 500 00 से अधिक पुलिसकर्मी

सरकार को घेरने के लिए विपक्ष के जमावड़े को देखते हुए सुबह से ही गांव के चारों ओर पुलिस की तैनाती से गांव छावनी में तब्दील हो गया था। गांव की सीमा से ढाई किमी पहले ही बैरिकेडिंग कर दी गई थी। एसएसपी, एसपी देहात, एसपी ट्रैफिक, चार सीओ, 20 इंस्पेक्टर, 150 दरोगा समेत 500 से अधिक पुलिसकर्मी गांव में तैनात रहे। आरआरएफ की टीम भी मुस्तैद दिखाई दी।

 




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