शुक्रवार दोपहर में सराफा बाजार स्थित जय प्रकाश सराफ प्रतिष्ठान में केंद्रीय जीएसटी टीम ने कर चोरी की आशंका में छापा मारा। करीब छह घंटे तक सीजीएसटी टीम ने प्रतिष्ठान के खरीद-बिक्री के दस्तावेज खंगाले। कई इंट्री संदिग्ध पाई गई। टर्नओवर के सापेक्ष बेहद कम नगद टैक्स जमा होने पर टीम ने मौके पर 20 लाख रुपये जमा कराए। छानबीन के लिए टीम अपने साथ कई दस्तावेज भी ले गई। वहां मौजूद सोने-चांदी के स्टॉक को भी सील कर दिया। उधर, कई घंटे सीजीएसटी टीम के सराफा बाजार में मौजूद रहने से सराफा कारोबारियों में बेचैनी रही। कई कारोबारी अपनी दुकान बंद करके चलते बने।

दरवाजे बंद कर चली जांच

सराफा बाजार स्थित जय प्रकाश सराफ के यहां दोपहर करीब दो बजे सीजीएसटी टीम के सदस्य भारी लाव लश्कर के साथ पहुंचे। पुलिस बल ने दरवाजे बंद कर दिए। अंदर से किसी भी सदस्य को बाहर नहीं जाने दिया। विभाग को शिकायत मिली थी कि सराफा कारोबारी टर्नओवर के सापेक्ष सही तरीके से टैक्स जमा नहीं कर रहा है। टीम ने कारोबारी से टैक्स जमा अवधि में जमा किए गए टैक्स की जानकारी ली। दुकान में बिक्री एवं खरीद के आधार पर जीएसटी समेत अन्य करों के भुगतान के बारे में भी पूछा। जांच के दौरान टीम ने कई गड़बड़ी पाई।

कारोबारी का टर्नओवर 300 करोड़ से अधिक

प्रारंभिक छानबीन में मालूम चला कि कारोबारी का टर्नओवर 300 करोड़ से अधिक है। इसके बावजूद निर्धारित कर जमा नहीं किया गया। कार्रवाई करीब रात आठ बजे तक चली। दस्ते ने प्रतिष्ठान में मौजूद सारा स्टॉक सील करने के साथ ही कई रिकार्ड कब्जे में ले लिया।

दस दिनों में दूसरी कार्रवाई से खलबली

झांसी सराफा बाजार पूरे बुंदेलखंड का सबसे बड़ा बाजार है। यहां झांसी समेत मध्य प्रदेश के भी कई जनपदों से सोने-चांदी का कारोबार होता है। फुटकर में सोने-चांदी के जेवरात भी लेकर जाते हैं। कई सराफा कारोबारी ऐसे हैं, जिनका सालाना टर्नओवर 500 करोड़ तक है लेकिन, उनकी ओर से निर्धारित टैक्स जमा नहीं होता। सराफा बाजार के ही कुछ लोगों की मदद से विभाग तक इसकी सूचना पहुंच रही है। उसी इनपुट के आधार पर करीब दस दिन पहले भी जीएसटी टीम ने सराफा बाजार के गंदीगर टपरा में राजू कमरया के जेवर कोठी नामक प्रतिष्ठान में छापा मारा था। वहां बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी मिली थी। छानबीन में कागजों में दर्शाए गए स्टॉक के मुकाबले करीब 15 करोड़ रुपये का स्टॉक कम मिला।

दूसरी बड़ी कार्रवाई से खलबली

कारोबारी ने अपने पुत्र के नाम भी एक फर्म बना रखी है, इसमें भी गड़बड़ी मिली। जीएसटी टीम अभी भी जांच में जुटी है। वहीं, दस दिन में सराफा बाजार में दूसरी बड़ी कार्रवाई से कारोबारियों में बेचैनी दिखाई पड़ी।



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