जिलाधिकारी की अनुमति से मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव कब्र से निकाला गया। शव का पोस्टमॉर्टम रविवार को होगा। इससे मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। मौत जहर से हुई, तो विसरा रिपोर्ट से पुष्टि होगी।
फोरेंसिक रिपोर्ट भी होगी अहम
बुजुर्ग शांति देवी को रोटी में जहर देकर मारने की बात सामने आई थी। मौके से पुलिस को आधी रोटी मिली थी। रोटी को पुलिस ने फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया था। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि एफएसएल की रिपोर्ट में जहर की पुष्टि होती है तो वह अहम सबूत होगा।
कब्र के आसपास जुटी थी भीड़
कब्र से शांति देवी के शव को निकाले जाने की खबर गांव तक पहुंची तो लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने लोगों को वहां से हटाया। इसके बाद फावड़े की मदद से कब्र को खोदने का काम शुरू किया गया। करीब तीन घंटे के बाद कब्र से शव को बाहर निकाला गया।
यह है पूरी घटना
इब्राहिमगंज निवासी मनोज रावत की पत्नी शालिनी ने सास शांति देवी को पांच अप्रैल को रात के खाने में जहर दिया था। शालिनी का भांजे करन से प्रेम प्रसंग था और सास इसमें बाधा बन रही थीं। इलाज के दौरान छह अप्रैल को शांति देवी की मौत हो गई थी, जिसके बाद घरवालों ने उनका शव खेत में दफना दिया।




