कानपुर में किडनी रैकेट के खुलासे के बाद एसएन मेडिकल कॉलेज में किडनी ट्रांसप्लांट शुरू होने में देरी हो सकती है। पंजीकरण कराने वाले सभी 10 मरीजों के दस्तावेज की गहन जांच की जा रही है। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किडनी ट्रांसप्लांट हो सकेगा।
कानपुर में अवैध रूप से किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का पर्दाफाश होने के बाद विशेष सतर्कता बरती जा रही है। एसएन में किडनी ट्रांसप्लांट 20 अप्रैल से शुरू होना था, लेकिन अब इसमें देरी हो सकती है। किडनी ट्रांसप्लांट के मरीज और किडनी दाताओं के दस्तावेज का सत्यापन कराया जा रहा है। जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। सबकुछ सही मिलने के बाद ही ट्रांसप्लांट शुरू किया जाएगा।
प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि 20 अप्रैल से किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा प्रस्तावित है। कानपुर में किडनी रैकेट के खुलासे को देखते हुए सभी कानूनी प्रक्रिया और जरूरी जांच कराई जा रही हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भी भेजी जाएगी। किडनी रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ. अपूर्व जैन ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए ऑपरेशन थियेटर और वार्ड तैयार हो चुके हैं। डॉक्टर और स्टाफ को भी प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पहले 25 ऑपरेशन एसजीपीजीआई लखनऊ की टीम की निगरानी में होंगे। इसके बाद एसएन मेडिकल कॉलेज की टीम ऑपरेशन करेगी।
