न पापा बोल रहें हैं न मम्मी, भइया भी शांत है…। आखिर तुम लोगों के साथ किसने ऐसा कर दिया। रविवार रात 9:50 बजे तो मां आप से फोन पर बात हुई थी। तब आप ने ही बताया था कि पिता खाना खा रहे हैं। हम आ गए हैं… एक बार तो उठ जाओ। अब हमारा क्या होगा… किससे बात करेंगे।
इस कांड को करने वाले को भगवान कभी माफ नहीं करेंगे… मेरा पूरा परिवार खत्म कर दिया। यह करुण क्रंदन था मेरठ से पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंची रिटायर्ड फौजी चेतराम की शादीशुदा बेटी प्रीति का।
तीनों के शवों के पास जमीन पर बैठकर फूट-फूटकर बिलखती प्रीति ने कहा कि मेरे माता-पिता और भाई की हत्या करने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए।
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मृतक चेतराम पासवान, सुनीता और दीप के फाइल फोटो
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
प्रीति ने बताया कि माता-पिता के पास कुछ दिनों के लिए घूमने आने वाली थीं। सोमवार दोपहर ट्रेन से रिजर्वेशन कराया था। रविवार रात मां सुनीता से अच्छे से बात हुई लेकिन जरा सा भी बातचीत में कोई तनाव नहीं पता चला।
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सेनपश्चिम पारा में घटनास्थल से सील करने के बाद दोनाली बंदूक लेकर निकलती फॉरेंसिक टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मां ने सफर के दौरान संभालकर आने के लिए कहा था। इसके बाद वह पैकिंग करने लगीं लेकिन सोमवार सुबह खबर सुनकर कलेजा फट गया।
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रेलवे ट्रैक पर मृतक चेतराम के हाथ की जांच करती फॉरेंसिक टीम
– फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पागल आदमी है… क्या कर दिया
पोस्टमॉर्टम के बाद जब रिटायर्ड फौजी चेतराम और उनकी पत्नी सुनीता का शव परिसर में लाकर रखा गया तो उनकी बहन समुद्री बिलखकर चीखते हुए बोलीं कि पागल आदमी है… ये क्या कर दिया। भतीजे दीप का शव देख बुआ समुद्री बेहोश हो गई। तीनों शवों का अंतिम संस्कार ड्योढ़ी घाट पर किया गया।