
वाराणसी का मौसम (फाइल फोटो)
– फोटो : amar ujala
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कड़कड़ाती ठंड वाले दिसंबर महीने में न्यूनतम तापमान की गर्मी ने मौसम में उतार चढ़ाव ला दिया है। दो दिन से ठंड का असर बढ़ा है, मगर महीने के शुरुआती 10 दिन पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा गर्म रहे हैं। इसके पीछे न्यूनतम तापमान का ज्यादा होना ही कारण है।
वर्ष 2019 से 2022 तक के रिकार्ड के अनुसार दिसंबर महीने के शुरू होने के बाद न्यूनतम तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था। मगर, इस वर्ष एक दिसंबर से 10 दिसंबर तक न्यूनतम तापमान 12.5 से 18.5 तक पर टिका रहा। दरअसल, दिसंबर में मौसम में ऐसा उतार-चढ़ाव कभी-कभी ही दिखाई पड़ता है।
कभी ठंड का अहसास होता है, कभी गर्मी लगने लगती है। मौसम के इस मिजाज को विज्ञानी भी पढ़ रहे हैं। बताते हैं कि यह उतार चढ़ाव जलवायु परिवर्तन का असर है। इसके नुकसान भी हैं। ऐसा कुछ वर्षो पहले नहीं था।
बीएचयू के मौसम विज्ञानी प्रो. मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि आमतौर पर दिसंबर में तापमान में गिरावट होती है और न्यूनतम तापमान 10 डिग्री या इसके नीचे तक पहुंचता है। मगर, जलवायु परिवर्तन और प्रदूषण की वजह से यह बदलाव हो रहा है। मौसम पर अलनीनो का प्रभाव पड़ रहा है। इसकी वजह से मौसम शिफ्ट हो रहा है और बार-बार व्यवधान भी हो रहा है।
वर्ष 2019
तारीख न्यूनतम अधिकतम
1 दिसंबर 24.4 15.1
2 दिसंबर 27.6 15.5
3 दिसंबर 25.6 15.1
4 दिसंबर 24 12.6
5 दिसंबर 24 10.1
6 दिसंबर 24.1 10.1
7 दिसंबर 25.4 11.4
8 दिसंबर 25.2 13.4
9 दिसंबर 26 13.5
10 दिसंबर 26.2 12.5
वर्ष 2020
न्यूनतम अधिकतम
27 10.9
26 11.6
26 12.2
26 12.3
27 12.2
29 12.2
29.4 13.3
26.4 13.8
27.4 13
25 14.6
वर्ष 2021
न्यूनतम अधिकतम
26.5 10.8
26.6 11.9
25.6 10.5
26 12.6
26 13.5
28 13.4
28.6 14.7
27.6 13.8
27.2 10.4
25.6 11.4
वर्ष 2022
न्यूनतम अधिकतम
26.6 11
26.4 11
26.6 10
26.2 10
25.8 10.2
25 10
24.6 9
25.2 8
26.9 8.8
27.8 9.5
वर्ष 2023
न्यूनतम अधिकतम
24 15
28 17.2
30.4 18
23.7 17
25.7 18
25.7 18.5
24.5 15.9
26 14.5
25 12.5
