कानपुर में किडनी रैकेट मामले में जिन तीन प्राइवेट अस्पतालों का नाम सामने आ रहा है, उनमें से एक के पास रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। पूरा अस्पताल ही अवैध तरीके से संचालित हो रहा है। इसकी जानकारी खुद स्वास्थ्य विभाग को तब हुई जब मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस की टीम के साथ निरीक्षण करने पहुंची। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मामले में 50 से ज्यादा अस्पताल रडार पर हैं जिनकी जांच की जा रही है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम संयुक्त रूप से देर रात तक जांच में जुटी रही।


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सोमवार को पुलिस की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग से एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी और कल्याणपुर सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश सिंह व टीम के अन्य अधिकारियों ने तीनों अस्पतालों का निरीक्षण किया। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले कई वरिष्ठ डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा सकती है, कुछ चिकित्सक कई बड़ी संस्थाओं से भी जुड़े हैं। एसीएमओ ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पुलिस ऐसे डॉक्टरों की भी तलाश कर रही हैं जो सर्जन या नेफ्रोलॉजिस्ट हैं। सूत्रों के अनुसार मामले में जिन अस्पतालों के नाम सामने आ रहे हैं, उनके यहां छोटे ऑपरेशन की भी सुविधा नहीं है। इन अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए बाहर से डॉक्टर बुलाए जाते हैं। चिकित्साधिकारियों के अनुसार ऐसे डॉक्टरों से भी पूछताछ की जाएगी।



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