कानपुर के किडनी रैकेट में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। कानपुर के बर्रा थाना इलाके में वर्ष 2019 के फरवरी माह में एक महिला ने नौकरी दिलाने के बहाने किडनी निकालने का आरोप लगाकर पांच नामजद समेत छह लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद 18 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में 10 करोड़ से ज्यादा का लेनदेन की बात सामने आने पर ई़डी (प्रवर्तन निदेशालय) ने मामले की जांच की थी।
बांदा निवासी पीड़िता ने बताया था कि वह बिजली का काम करने वाले पति संग साकेत नगर स्थित गोदाम में रहती थी। परिचित युवक मोहित निगम और जुनैद नौकरी का लालच देकर गाजियाबाद ले गए। वहां मेडिकल के नाम पर कई जांचें कराई गईं।
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मेडलाइफ हॉस्पिटल कल्याणपुर
– फोटो : amar ujala
बातचीत के दौरान महिला ने आरोपियों को किडनी बदलवाने की बात करते सुना, जिससे उसे संदेह हुआ कि यह गिरोह किडनी तस्करी में शामिल है। विरोध करने पर उसे 40 लाख रुपये का लालच दिया था। मामले में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने 17 फरवरी को कोलकाता निवासी टी राजकुमार राव समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
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मेडलाइफ हॉस्पिटल कल्याणपुर में जांच करते पुलिस अधिकारी
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9.5 लाख में किडनी खरीदी, 90 लाख में बेची दलाल और डॉक्टर दंपती समेत दस हिरासत में
कानपुर के कल्याणपुर में अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट करने का मामला प्रकाश में आया है। यहां के एक अस्पताल में उत्तराखंड के युवक से करीब दस लाख रुपये में किडनी खरीदने का सौदा हुआ। किडनी निकलवाने के बाद दलाल ने उसे जरूरतमंद मरीज को 90 लाख रुपये से अधिक में बेच दिया।
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मेडलाइफ हॉस्पिटल के स्टाफ से पूछताछ करते पुलिस के अधिकारी
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अवैध तरीके से की गई किडनी की इस खरीद-फरोख्त का सुराग लगने पर सोमवार को पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अस्पतालों में छापा मारा। पुलिस ने दलाल, अस्पताल संचालक, डॉक्टर दंपती समेत दस लोगों को हिरासत में लिया है।
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किडनी देने वाले युवक को एंबुलेंस से ले जाती पुलिस
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एक अस्पताल का संबंध आईएमए के एक बड़े पदाधिकारी से बताया जा रहा है। कल्याणपुर के आवास विकास तीन निवासी शिवम अग्रवाल पर आरोप है कि उसने उत्तराखंड के युवक को दस लाख में किडनी बेचने का ऑफर दिया था।