आलू की मंदी के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसानों के लिए नए बीज की आसमान छूती कीमतों ने परेशानी खड़ी कर दी है। वह सामान्य आलू के भाव से सरकारी नए बीज की करीब चार गुना कीमत होने के कारण बीज नहीं खरीद पा रहे हैं। इसलिए अभी तक मात्र 172 किसानों ने बीज खरीदने के लिए उद्यान विभाग में आवेदन किए हैं।

जिले में 80 हजार हेक्टेयर में आलू की खेती होती है। इसलिए यहां उद्यान विभाग में हर साल बीज के लिए मारामारी रहती थी। एक हजार से अधिक किसान आवेदन करते थे। सभी को बीज आवंटन भी नहीं हो पाता था। लेकिन इस बार पूरा बीज बिकना ही मुश्किल दिख रहा है। क्योंकि फसल बोआई का समय आ गया है। अभी तक आवेदन के हिसाब से करीब दो हजार क्विंटल शेष बच रहा है। आलू बीज के लिए आवेदन सितंबर में ही शुरू हो गए थे। अभी तक 172 किसानों के आवेदन आ चुके हैं।

डीएचओ मनोज कुमार ने बताया कि जिले को 4,716 क्विंटल बीज का आवंटन हुआ है। अभी करीब दो हजार क्विंटल बीज बुकिंग के लिए बचा है। किसानों को प्रति क्विंटल एक हजार रुपये का अनुदान भी मिलेगा। 

खंदौली के किसान राहुल ने बताया कि इस समय मोटा आलू मात्र 600 से 900 रुपये क्विंटल बिक रहा है। गुल्ला और किर्री की कीमतों में तो कोल्ड का भाड़ा भी नहीं पूरा हो रहा। ऐसे में 2,980 से 3.630 रुपये प्रति क्विंटल कीमत के बीज को कैसे खरीदें। सरकार को वर्तमान भाव को देखते हुए कीमत तय करनी चाहिए। पुराने बीज की बोआई करके ही खेती करेंगे। – 

किसान रामू ने बताया कि नया बीज लेना था, लेकिन कीमतों को देखकर हिम्मत नहीं जुटा पाए। खाद और बोआई तक के रुपये के लाले पड़ रहे हैं। बीज की इतनी ऊंची कीमतें रखने से पहले विभाग को किसानों की वर्तमान हालात देखनी चाहिए थी। अब पुराने बीज की ही बुआई करेंगे।

बमान बीज की कीमतें (रुपये प्रति कुंतल में)

प्रकार सीड साइज ओवर साइज

आधारित प्रथम 3630 3040

आधारित द्वितीय 3480 2980

 



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