अमेठी। किसानों को धान बेचने में कोई समस्या न हो, इसके लिए जिला प्रशासन ने 12 और क्रय केंद्रों को खोलने की मंजूरी प्रदान की है। इससे किसानों को काफी राहत मिलेगी। क्रय केंद्रों पर पंजीकृत किसानों से टोकन सिस्टम से प्वाइंट आफ परचेज मशीन से निर्धारित समर्थन मूल्य पर धान खरीद करते हुए भुगतान करने का निर्देश प्रभारियों को दिए गए हैं। फसल समर्थन मूल्य योजना के तहत जिला प्रशासन ने छह एजेंसी के 69 क्रय केंद्रों को मंजूरी दी थी। शाहगढ़ ब्लॉक में एक भी क्रय केंद्र न होने व कई अन्य स्थानों पर भी यही समस्या होने पर किसानों ने जिला प्रशासन व जनप्रतिनिधियों से शिकायत की। इसके बाद जिला प्रशासन ने चार एजेंसी के 12 अतिरिक्त क्रय केंद्रों को मंजूरी प्रदान की है।

अभी तक 81 क्रय केंद्र बनाए जा चुके हैं। वैसे अब तक जिले में निर्धारित लक्ष्य एक लाख 35 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष 102 एमटी की खरीद की जा चुकी है।

इनसेट

यहां खुलेंगे अतिरिक्त क्रय केंद्र

जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश में पीसीयू एजेंसी साधन सहकारी समिति गौरीगंज के दरपीपुर, जगदीशपुर के टांडा व बाजारशुकुल के किसनी पर पंजीकृत किसानों से धान खरीद करेगी।

इसी तरह विपणन शाखा को गौरीगंज के बाहापुर में क्रय केंद्र पर खरीद को मंजूरी मिली है। यूपीएसएस के साधन सहकारी समिति हरगांव, साधन सहकारी समिति सेवई हेमगढ़, कौहार व जाफरगंज के क्रय विक्रय पर पंजीकृत किसानों से धान खरीद होगी। पीसीएफ एजेंसी साधन सहकारी समिति दादरा, फूला व साधन सहकारी समिति रामगंज और अलाईपुर स्थित क्रय केंद्र पर किसानों से धान खरीद होगी।

किसानों को मिलेगी सुविधा

डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि 12 अतिरिक्त क्रय केंद्र किसानों की सुविधा के लिए संचालित किए गए हैं। किसान पंजीकरण करा सुविधानुसार क्रय केंद्र पर पहुंच कर फसल बिक्री कर सकते हैं। जिले का लक्ष्य पूरा करने के साथ किसानों को फसल बिक्री में परेशानी से बचाने के लिए निगरानी की व्यवस्था बनाई गई है। समस्या होने पर किसान कार्यालय में शिकायत कर सकते हैं।

किसानों ने जताई खुशी

राजा फत्तेपुर (अमेठी)। फूला को धान क्रय केंद्र बनाए जाने पर किसानों ने खुशी जाहिर की है। किसान शिव कुमार कहते हैं कि फूला में धान क्रय केंद्र बनाए जाने से धान बेचने में आसानी होगी।

आदर्श कुमार कहते हैं कि केंद्र बनने से वाहन का खर्च बचेगा।

शुभम कुमार बताते हैं कि फूला में केंद्र बनने से समय के साथ ही आर्थिक खर्च भी बचेगा।



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